मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 के लिए बीजेपी ने अपने प्रत्याशियों की चौथी लिस्ट भी जारी कर दी है। वहीं इस लिस्ट पर कमलनाथ ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ऊपर से प्रत्याशियों को ठोक रही है। ऐसी स्थिति में जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं में निराशा है। दूसरी तरफ, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस से उनके प्रत्याशियों की सूची मांग ली है।
पन्ना प्रमुखों में भी खलबली मच गई
भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा चुनाव 2023 को दृष्टिगत रखते हुए अपनी चौथी सूची जारी कर दी है। इस बार विधानसभा चुनाव में कांटे का की टक्कर बताई जा रही है। इसी वजह से प्रत्याशियों पर सब की निगाहें टिकी हुई हैं। कमलनाथ ने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी में जमीन स्तर के कार्यकर्ताओं में निराशा है। चौथी सूची जारी होने के बाद पन्ना प्रमुखों में भी खलबली मच गई है।जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं में निराशा है - कमलनाथ
कमलनाथ ने कहा कि बीजेपी ने अपने थके हुए चेहरों को एक बार फिर मैदान में उतारा है। इससे जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं में निराशा है। वह सोच रहे हैं कि उनका नंबर कब आएगा? कमलनाथ ने यह भी कहा कि चुनाव की तारीख और करीब आते ही बीजेपी अपने दफ्तर में ही सिमट जाएगी। दूसरी तरफ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ पर पलटवार करते हुए कहा है कि कमलनाथ और कांग्रेस 6 महीने पहले ही प्रत्याशियों की सूची जारी करने का दावा कर रही थी, लेकिन अब तो चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है। बावजूद इसके कांग्रेस की एक भी सूची जारी नहीं हुई है। इससे पता चलता है कि कांग्रेस में कितना आंतरिक घमासान है।भारतीय जनता पार्टी चुनाव के पहले ही डर गई- केके मिश्रा
मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता केके मिश्रा ने कहा कि, भारतीय जनता पार्टी चुनाव के पहले ही डर गई है। मुख्यमंत्री, राष्ट्रीय स्तर के नेता, सांसद सभी को मैदान में उतार दिया गया है। चुनावी परिणाम और मतदान से पहले ही बीजेपी के कार्यकर्ताओं का मनोबल भी टूट गया है। कांग्रेस की सूची जारी होते ही बीजेपी के कई प्रत्याशी अपनी हार मान लेंगे।Read More: कैलाश विजयवर्गीय ने की मुख्यमंत्री शिवराज की तारीफ, कहा- उन्होंने बहुत अच्छे से सरकार चलाई है
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