मध्य प्रदेश की बीजेपी सरकार अब वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत पर भी तेजी से काम कर रही है, सोलर एनर्जी के साथ-साथ राज्य सरकार का ध्यान कचरे से बिजली बनाने पर भी है, इसी कड़ी में प्रदेश के डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने रीवा में वेस्ट टू एनर्जी प्लांट का उद्घाटन किया। आपको बता दें कि, इस प्लांट से 6 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा, जिसका लाभ रीवा को प्राप्त होगा। राजेंद्र शुक्ला ने बताया है कि, इस प्लांट से रीवा एवं विन्ध्य को साफ सुथरा बनाने का संकल्प भी पूरा होगा ।
कचरे से भी बिजली बनाई जाएगी
डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने रीवा के ग्राम पहड़िया में एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन योजना के तहत 158 करोड़ 67 लाख रुपए की लागत के वेस्ट टू एनर्जी प्लांट का शुभारंभ किया। उन्होंने ख़ुशी व्यक्त करते हुए कहा कि, रीवा में अब कोयला, पानी, सोलर के बाद कचरे से भी बिजली बनाई जाएगी। नगरीय निकायों से निकलने वाले कचरे का निष्पादन कर वेस्ट टू एनर्जी प्लांट से 6 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। डिप्टी सीएम ने आगे कहा कि कचरे के निष्पादन से जहाँ बिजली पैदा होगी वहीं दूसरी तरफ अपशिष्ट प्रबंधन के तहत रीवा व विन्ध्य को साफ सुथरा बनाने का संकल्प भी पूरा होगा।
शहरों को साफ-सुथरा बनाने में जागरूकता की जरूर होती हैं
राजेंद्र शुक्ला ने पत्रकारों को आगे बताया कि, इस संयंत्र से रीवा संभाग के 28 नगरीय निकायों का कचरा बिजली बनाने के काम में आएगा। डिप्टी सीएम ने कहा कि, शहरों को साफ-सुथरा बनाने में जागरूकता के साथ-साथ अधोसंरचनात्मक कार्यों की भी जरुरत होती है। इस अत्याधुनिक संयंत्र से ठोस अपशिष्ट का प्रबंधन होगा तथा इसकी चिमनी से जो धुंआ निकलेगा वह भी किसी भी तरह से हानिकारक नहीं होगा।
बीमारी को रोकने में स्वच्छता की सबसे बड़ी आवश्यकता होती है
डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने आगे यह भी कहा कि बीमारी को रोकने में स्वच्छता की सबसे बड़ी आवश्यकता होती है। सभी नागरिक शहर एवं गांव को स्वच्छ रखने में साथ दें तथा पीएम नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन के राष्ट्रीय आंदोलन के संकल्प को पूरा करने में भागीदार बनें।
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