भोपाल में आज से तीन दिवसीय कंबाइंड कमांडर्स कॉन्फ्रेंस का आयोजन हो रहा है (Combined Commanders' Conference)। इसमें देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सीडीएस, तीनों सेनाओं के प्रमुख सहित शीर्ष सैन्य अफसर मौजूद रहेंगे। यह पहला अवसर है जब सैन्य कांफ्रेंस दिल्ली के बाहर आयोजित हो रही है।
बता दें कि बुधवार 29 अगस्त को फौजी मेले और तीनों सेनाओं की बैंड प्रस्तुति के साथ ही इस आयोजन की शुरुआत हो चुकी है।
क्या है बैठक की थीम
आज से भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कंवेंशन सेंटर में तीनों सेनाओं की कंबाइंड कमांडर्स कांफ्रेंस शुरू होने जा रही है। इस साल बैठक 'तैयार, पुनरुत्थान, प्रासंगिक' विषय पर आधारित है। बैठक में तीनों सेनाओं के बड़े अफ्सर समेत प्रधानमंत्री मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहेंगे। इस कॉन्फ्रेंस (Combined Commanders' Conference) के आयोजन की जिम्मेदारी नौसेना के पास है।
पीएम मोदी होंगे शामिल
कॉन्फ्रेंस के आखिरी दिन पीएम मोदी सत्र को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है, 'प्रधानमंत्री सुबह करीब 10 बजे भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे हॉल में संयुक्त कमांडर सम्मेलन-2023 में शिरकत करेंगे. इसके बाद करीब सवा तीन बजे प्रधानमंत्री हरी झंडी दिखाएंगे.' रानी कमलापति रेलवे स्टेशन, भोपाल में भोपाल और नई दिल्ली के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन।"
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थिएटर कमांड बनाने को मिलेगी मंजूरी
बता दें कि इस कांफ्रेंस में थिएटर कमांड बनाने पर तीनों सेना के कमांडर्स की राय ली जाएगी। सभी की सहमति मिलने के बाद इस मसौदे को कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी (ccs) को भेजा जाएगा। दरअसल थिएटर कमांड के जरिए तीनों सेना को एक छत के नीचे लाया जाता है। जिसके चलते युद्ध के दौरान तीनों सेनाओं में तालमेल आसानी से बैठाया जा सके। यही कारण है कि सेना, वायुसेना और नौसेना को एक साथ लाकर इंट्रीग्रेटेड थिएटर कमांड बनाने की तैयारी हो रही है।
छावनी में तबदील हुआ भोपाल
सेना की हाई प्रोफाइल बैठक के मद्देनजर पूरे शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए है। शहर के चप्पे चप्पे पर चार दिन पहले से ही पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती हो गई थी। इतना ही नहीं इस बैठक के चलते भोपाल में गुप्तचर एजेंसियों को भी अलर्ट पर रखा गया है।
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