चुनाव से पहले सरकार ने शहरी वोटरों को साधने की तैयारी कर ली है। इसके लिए अगस्त और सितंबर में ही तीन नई योजनाएं लॉन्च होने वाली हैं। इनसे छोटे शहरों, यानी नगर परिषदों के साथ नगर पालिकाओं और नगर निगमों की सड़कें चमकाने की बात होगी। इसमें मास्टर प्लान वाले 85 शहरों की सड़क, अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड से 59 छोटे शहरों और बाकी में राज्य की मदद से सड़कों का निर्माण होगा। इसके लिए 3,000 करोड़ रुपए रखे गए हैं। मुख्यमंत्री शिवराज ने दी मंजूरी। भोपाल को 200 करोड़ रुपए मिलेंगे। 30 सितंबर से शुरू होगा सड़कों का काम।
टेंडर का काम 30 सितंबर से शुरू होगा
कई जनप्रतिनिधियों से कहा जाएगा कि वे अगस्त और सितंबर में ही अपने प्लान दे दें। इन पर काम तत्काल शुरू करवाया जाएगा, जिससे चुनाव तक स्थिति सही हो जाए। इन सड़कों की थर्ड पार्टी मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है। जिन नए उपयंत्रियों की भर्ती की गई है, उन्हें निगरानी का काम दिया जाए। पैसा राज्य बजट, विशेष केंद्रीय सहायता और शहरी सुधार की प्रोत्साहन राशि से जुटाया जाएगा। सभी सड़कों का काम 18 माह में पूरा होगा। स्वीकृति के साथ टेंडर का काम 30 सितंबर से शुरू होगा।
कैबिनेट में यह प्रस्ताव लाया जा रहा
सरकार चाहती है कि शहरों में विकास को लेकर जो एंटी इनकम्बेंसी है, वह चुनाव से पहले दूर हो जाए। इसलिए शुक्रवार को कैबिनेट में यह प्रस्ताव लाया जा रहा है। इन सड़कों में निर्माण के समय ड्रेनेज, नालियां और स्ट्रीट लाइट्स का काम होगा। यह शहर की मुख्य सड़क रहेंगी। हर छोटे शहर यानी नगर परिषद को 5-5 करोड़, नगर पालिकाओं को 15 से 25 करोड़ रुपए और 16 नगर निगमों को 100-100 करोड़ रुपए से अधिक राशि मिलने की संभावना है। भोपाल और इंदौर को 200-200 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। जबलपुर और ग्वालियर को भी 100-100 करोड़ एक-एक सड़क के लिए मिलेंगे।
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