चुनाव के दौरान कानूनी दांव-पेच के लिए भी पार्टियों ने तैयारी की है। भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने चुनाव के दौरान कानूनी मामलों के लिए अधिवक्ताओं की फौज खड़ी कर दी है। इन अधिवक्ताओं को चुनाव में प्रचार से लेकर परिणाम घोषित होने तक मुस्तैद रहने के लिए कहा गया है। ये वकील प्रत्याशियों के बयान और दलों के बयानों पर जवाब से लेकर छोटी-छोटी चीजों का ध्यान रखेंगे। इसके अलावा ये वकील इस बात पर भी ध्यान रखेंगे कि दूसरे पार्टी के प्रत्याशी कहीं कोई कानूनी चूक तो नहीं कर रहे हैं। ऐसा होते ही ये वकील प्रतिद्वंद्वी को घेरने की रणनीति बनाएंगे। मामला निर्वाचन आयोग, जिला निर्वाचन अधिकारियों और अदालत तक ले जाएंगे।
अब वकील विपक्ष पर रखेंगे पैनी नजर
वकीलों की फौज खड़ी करने में भाजपा ने कांग्रेस से बाजी मार ली है। भाजपा विधि प्रकोष्ठ प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता मनोज द्विवेदी के अनुसार पार्टी ने विधि प्रकोष्ठ के तहत प्रत्येक विधानसभा में पांच-पांच वकीलों की नियुक्ति की है। इनके अलावा प्रत्येक जिले में एक विधि प्रकोष्ठ संयोजक और एक सह संयोजक नियुक्त किए गए हैं। इन सभी वकीलों को आचार संहिता उल्लंघन के मामले, पुलिस और प्रशासन से जुड़े मामलों में मैदान में उतरना है। इसके अलावा जिला स्तर पर एक मीडिया इंचार्ज और पांच सदस्यीय समिति पृथक से बनाई गई है। संभाग स्तर पर भी वकीलों की एक टीम बनाई गई है। कांग्रेस विधि विभाग के कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष अंशुमन श्रीवास्तव के अनुसार प्रदेश के हर जिले में विधि प्रकोष्ठ गठित कर नियुक्तियां कर दी गई हैं।पार्टी ने जारी किया टोल फ्री नंबर
पार्टी ने एक टोल फ्री नंबर भी जारी किया है। आमजन इस नंबर पर आचार संहिता के उलंघन से जुड़ी शिकायतें कर सकते हैं। विधि विभाग में तैनात टीम इस शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करेगी। आम आदमी पार्टी विधि प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष अमोद गुप्ता के अनुसार तहसील और जिला स्तर पर विधि प्रकोष्ठ गठन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इनमें 300 से ज्यादा नियुक्तियां की गई हैं। पार्टियों के विधि प्रकोष्ठों ने अपने वार रूम शुरू कर दिए हैं।Read More: आदर्श आचार संहिता लगते ही प्रशासन सख्त, पेड न्यूज पर रखी जाएगी नजर
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