देश के कई राज्यों में रामनवमी पर हुए सांप्रदायिक दंगों के बाद मप्र सरकार अलर्ट पर है। भोपाल में हनुमान जन्मोत्सव पर जुलूस के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है (Hanuman Jayanti)। साथ ही भड़काऊ सोशल मीडिया पोस्ट पर नजर रखी जा रही है। मप्र के गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि हनुमान जयंती के मौके पर कई छोटे बड़े आयोजन किये जाते है जिसके चलते सुरक्षा के सभी तरह के बंदोबस्त रहेंगे।
बता दें कि रामनवमी पर पिछले साल मप्र के खरगोन और बडवानी जिलों में दो गुटों में आपसी झड़प देखने को मिली थी। जिसके बाद हनुमान जयंती पर पुलिस फोर्स ज्यादा लगाया गया था, इस बार रामनवमी पर मध्य प्रदेश में सांप्रदायिक घटनाएं सामने नहीं आई है। लेकिन देश के कई हिस्सों में संप्रदायिक दंगे देखने को मिले हैं जिसके बाद से ही देश भर में हनुमान जयंती पर अलर्ट जारी कर दिया है।
सोशल मीडिया पर नजर (Hanuman Jayant)
भोपाल में हनुमान जन्मोत्सव पर पुलिस सोशल मीडिया पर भी पैनी नज़र रखी हुई है। किसी भी तरह के भड़काऊ पोस्ट करने पर पुलिस तुरंत कार्यवाई करेगी। सोशल मीडिया के माध्यम से भड़काऊ पोस्ट या अफवाह फैलाने के विरुद्ध आइपीसी की धारा 153ए के अंतर्गत एफआइआर दर्ज होगी। इसमें तीन साल तक की सजा हो सकती है। इसके अलावा संवेदनशील और अतिसंवेदनशील इलाकों को चिन्हित किया गया है। जिन जगहों से जुलूस हर साल निकाला जाता है इन जगहों पर एसटीएफ आरएएफ और पुलिस के जवान मौजूद रहेंगे। सुरक्षा के लिहाज़ से ड्रोन के माध्यम से भी नज़र रखी जायेगी।
डीजे के गाने और नारों की सूची मांगी
जुलूस के आयोजकों से प्रशासन ने डीजे के गाने और नारों की सूची मांगी है। इससे पहले शहर काजी भी शहर में गंगा-जमुनी तहजीब की बात कह चुके हैं। हनुमान जन्मोत्सव पर हिंदू संगठनों का जुलूस बुधवारा और इतवारा से निकाला जाना था। हिंदू संगठनों और पुलिस प्रशासन के बीच चर्चा के बाद परंपरागत मार्ग से ही जुलूस निकालने की अनुमति दी गई है। बता दें कि पुलिस ने सिर्फ काज़िकेम्प से जुलूस को ना निकालने की अनुमति दी है।
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