छग के ओबीसी, एसटी और एससी वर्ग के लोगों को बड़ा झटका लगा है। राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने आरक्षण संशोधन विधेयक को लौटा दिया है। आरक्षण विधेयक पर राज्यपाल के हस्ताक्षर का लंबे समय से इंतजार था, लेकिन अब राज्यपाल ने इसे लौटा दिया है। यह खबर कुछ घंटे पहले तमाम मिडिया में चल रही थी दरअसल यह खबर भ्रामक निकली|
राज्यपाल द्वारा आरक्षण विधेयक वापसी की खबर से संसदीय कार्य मंत्री रविंद्र चौबे का स्पष्टीकरण मीडिया की खबरों के आधार पर प्रतिक्रिया दी थी विधेयक वापसी पर अधिकृत जानकारी राज्यभवन ही दे पाएगा मंत्री रविन्द्र चौबे ने खबरों पर एक सामान्य राजनीतिक प्रतिक्रिया दी थी , और कहा की वापसी पर अधिकृत जानकारी राजभवन दे पाएगा वहीँ मंत्री चौबे ने मीडिया में विधेयक वापसी को लेकर चल रही खबरों को बताया भ्रामक|
आरक्षण पर पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा
आरक्षण विधेयक को राजभवन ने अटकाकर रखा है जिसकी वजह विभिन्यन भर्तिया रुकी हुई है विधेयक वापस करने को लेकर उन्होंने आगे कहा की विधेयक वापस करने को लेकर मुझे कोई जनाकार नही है पीसीसी चीफ ने मांग की है या तो राज्यपाल हस्ताक्षर कर दे या विधेयक वापस कर दे|
आरक्षण संशोधन विधेयक क्या है?
छत्तीसगढ़ विधानसभा में छत्तीसगढ़ लोक सेवा अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण संशोधन विधेयक 2022 को विशेष सत्र बुलाकर पास किया गया था। इस आरक्षण संशोधन विधेयक में अनुसूचित जनजाति को 32 प्रतिशत, अनुसूचित जाति को 13 प्रतिशत और अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। इसी प्रकार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को 4 प्रतिशत आरक्षण का लाभ देने का प्रावधान किया गया था। सदन में एक साथ दो विधेयक छत्तीसगढ़ लोक सेवा अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2022 और छत्तीसगढ़ शैक्षणिक संस्था प्रवेश में आरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2022 सर्वसम्मति से पारित किया गया था।
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