केपीएस स्कूल, सरोना में सैकड़ों के संख्या में एनएसयूआई(NSUI ) के कार्यकर्ता पहुंचे और जमकर हंगामा किया। लगातार हो रही केपीएस स्कूल की मनमानी और लापरवाही के खिलाफ उन्होंने यह प्रदर्शन किया। केपीएस किड्स स्कूल से 3 साल की बच्ची लापता हो गई थी। जिसके विरोध में एनएसयूआई सरोना स्कूल पहुंची और सभी स्कूल में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने और सुप्रीम कोर्ट और सरकार की सभी नियमों को कड़ाई से पालन करने को कहा है। साथ ही शिक्षकों और एनएसयूआई के बीच बहस भी देखने मिली।
केपीएस किड्स सरोना से मंगलवार को 5 साल की बच्ची स्कूल वैन से गिरी
पिछले दिनों केपीएस किड्स सरोना से 5 साल की बच्ची चलती स्कूल वैन से गिर गई। इसकी शिकायत परिजनों ने स्कूल प्रबंधन से की मगर किसी भी तरह का एक्शन नहीं लिया गया। इसलिए एनएसयूआई (NSUI) के कार्यकर्ताओं ने डीईओ कार्यालय का घेराव किया जिसमें जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद भी किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई। आज स्कूल प्रबंधन के खिलाफ अपनी आवाज उठाई।
स्कूल मैनेजमेंट ने कहा- थोड़ी ही तो चोट लगी है
जब पेरेंट्स को घटना के बारे में पता चला तो उन्होंने स्कूल मैनेजमेंट से शिकायत की। जिसमें स्कूल के संचालक और प्रिंसिपल ने मामले को दबाने के लिए गोलमोल जवाब देने लगे। उन्होंने बच्ची के पिता मनजीत सिंह को कहा 'थोड़ी सी ही तो चोट लगी है'। जानकारी के मुताबिक, स्कूल मैनेजमेंट ने मामले से अपना पल्ला झाड़ने के लिए ड्राइवर को नौकरी से बाहर निकाल दिया है। इस गैर जिम्मेदाराना घटना को लेकर पेरेंट्स ने आमानाका थाने में FIR दर्ज करवाई है। जिसमें सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया और फिर वो जमानत में बाहर छूट भी गया।
NSUI महामंत्री ने कहा- मामलें में लीपापोती न करें, ठोस एक्शन हो
एनएसयूआई(NSUI) प्रदेश प्रभारी महामंत्री हेमंत पाल ने कहा कि रायपुर जिला शिक्षा अधिकारी से जब हमने इस मामले की शिकायत करने के लिए गए तो वो 2 दिनों तक मिले ही नहीं और न ही फोन पर बात की।
केवल जांच कमेटी बनाकर कार्रवाई करने की खानापूर्ति कर दी गई। जिसके बाद हमने कार्यालय में डीईओ के लापता होने की पोस्टर लगवाए। फिर उनसे मुलाकात हो पाई। हेमंत पाल ने ज्ञापन देकर मांग की है कि लापरवाह स्कूल प्रबंधन के खिलाफ यदि 7 दिनों के भीतर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और पूरे जिले के स्कूल बस ड्राइवरों के अनुभव सर्टिफिकेट की फिर से जांच हो, जिससे इस तरह की घटना दोबारा न घटे।
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