मध्यप्रदेश सरकार फरवरी में तीसरी बार कर्ज लेने जा रही है। 5 हजार करोड़ रुपए का यह कर्ज अलग-अलग तीन स्वरूप में 27 फरवरी को लिया जाएगा। जिसका भुगतान सरकार को 28 फरवरी को होगा। कर्ज की यह राशि 20, 21 और 22 साल के लिए उधारी पर ब्याज चुकाने के रूप में ली जा रही है। कर्ज लेने पर कांग्रेस ने एमपी सरकार को बताया "विजनलेस"।
अब तक कुल 27 हजार 500 करोड़ रुपए का कर्ज
3 अलग अलग स्वरूप में लिया जाएगा कर्ज। मध्य प्रदेश सरकार अब तक कुल 27 हजार 500 करोड़ रुपए का कर्ज वर्तमान वित्त वर्ष 2023-24 में ले चुकी हैं। अब पांच हजार करोड़ रुपए का नया कर्ज भी इसमें जुड़ जाएगा। इसे मिलाकर सरकार पर कुल कर्ज 32 हजार 500 करोड़ रुपए हो जाएगा। बता दें कि एमपी सरकार ने वर्ष 2024 में 23 जनवरी को ढाई हजार करोड़ रुपए कर्ज लिया, छह फरवरी को तीन हजार करोड़ रुपए कर्ज लिया और बीस फरवरी को पांच हजार करोड़ रुपए का कर्ज लिया जा चुका है। अब 27 फरवरी को तीन किस्तों में पांच हजार करोड़ रुपए का कर्ज लिया जाएगा।
सरकार को बिना विजन का बताया
इसपर कांग्रेस हमलावर होते हुए सीएम डॉ मोहन यादव को घेरती नजर आ रही। जहां एमपी कांग्रेस प्रवक्ता अब्बास हाफिज ने बीजेपी सरकार को बिना विजन का बताया। जिसका जवाब देते हुए बीजेपी प्रवक्ता मिलन भार्गव ने इसे जनकल्याण योजनाओं को चलाने के लिए वित्ती प्रबंधन बताया। इसके साथ ही कांग्रेस पर तंज कसते हुए बोले की कर्ज उन्ही को मिलता है जो इसका मादा रखते है।
किसी भी योजना में ढिलाई बरतना नहीं चाहती
बता दें कि देश में लोकसभा चुनाव 2024 की तारीख की घोषणा कभी भी हो सकती है। ऐसे में एमपी की बीजेपी सरकार किसी भी योजना में ढिलाई बरतना या उसे बंद करना नहीं चाहती है। बता दें कि एमपी में लाड़ली बहना योजना ने ही बीजेपी को विधानसभा चुनाव 2023 में प्रचंड बहुमत दिलाया है। यही बहुमत लोकसभा चुनाव 2024 में भी बीजेपी दोहराना चाहती है और इस बहुमत को और बढ़ाने के लिए लाड़ली बहनों की किस्त की राशि माह की एक तारीख को उनके खाते में ट्रांसफर करने की घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कर दी गई है।
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