Doctors strike: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में आज से स्वास्थ्य व्यवस्थाएं (health systems) बिगड़ सकती हैं। आज 15 फरवरी से डॉक्टर्स की बड़ी हड़ताल (strike) शुरू हो गई है। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मध्यप्रदेश चिकित्सक महासंघ (Madhya Pradesh Medical Federation) के बैनर तले हड़ताल का ऐलान किया है। इस हड़ताल को सरकारी जूनियर डॉक्टर्स और डॉक्टर से जुड़े 7 संगठनों का भी समर्थन मिला है। सभी जिलों में हड़ताल के पहले दिन सुबह 8 बजे से काली पट्टी बांधकर डॉक्टर काम कर रहे हैं। प्रदेश के लगभग 10 हजार डॉक्टर्स आंदोलन पर हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की मुश्किलें बढ़ सकती है।
इमरजेंसी सेवाएं जारी रहेगी
दरअसल 16 फरवरी को सुबह 10 बजे से 12 बजे तक कार्य बंद रखा जाएगा। जिसमें रूटीन कार्य दिन में OPD, IPD ऑपरेशन, एमएलसी और पोस्टमार्टम जैसे कार्य बंद किए जाएंगे, केवल इमरजेंसी सेवाएं जारी रहेगी। इसके साथ ही 17 फरवरी को सुबह 8 बजे से संपूर्ण कार्य बंद किया जाएगा। जिसके चलते OPD वार्ड राउंड सहित इमरजेंसी एमएलसी पोस्टमार्टम सेवाएं भी बंद कर दी जाएंगी।
DACP और पुरानी पेंशन लागू करने की मांग
प्रोग्रेसिव मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ सुनील अग्रवाल ने कहा कि, मध्य प्रदेश का चिकित्सा स्तर देश की सूची में लगातार निचले पायदान पर आ रहा है। लगातार चिकित्सकों को शासकीय अस्पतालों मेडिकल कॉलेजों से नौकरी छोड़नी पड़ रही है। हर स्तर पर विषय विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी होती जा रही है। पिछले 20 सालों से कार्यस्थल में उचित चिकित्सा आधारभूत संसाधनों की कमी है यही कारण है कि इन सभी व्यवस्थाओं को मजबूत करने के साथ ही DACP और पुरानी पेंशन लागू करने की मांग उठाई गई है। यदि सरकार ने उनकी मांगों को पूरा नहीं किया तो है, आंदोलन और बड़ा रूप लेता जाएगा।
चिकित्सा बचाओ, चिकित्सक बचाओ
बता दें कि शासकीय डॉक्टर्स ने बीते 27 जनवरी से 07 फरवरी तक पूरे मध्य प्रदेश में ‘चिकित्सा बचाओ, चिकित्सक बचाओ’ यात्रा निकाली थी। स्वशासी चिकित्सक महासंघ ने अब तय किया है कि इन मांगों को लेकर 15 फरवरी से फिर आंदोलन की शुरुआत होगी।
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