Raipur: छत्तीसगढ़ का विधानसभा सत्र चल रहा है। इस दौरान कई मुद्दों को उठाया जा रहा है। बता दें कि आज के सत्र में जर्जर स्कूलों का मुद्दा उठाया गया । विधायक भुवनेश्वर शोभाराम बघेल और विधायक चंदन कश्यप ने डोंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र और नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र को लेकर मामला सदन में उठाया।
स्कूल शिक्षा मंत्री ने कही ये बात
मामले में स्कूल शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा, प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों के सभी स्कूलों के जर्जर भवनों का मरम्मतीकरण अगले शिक्षा सत्र से पहले हो जाएगा। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने तंज कसते हुए कहा, पूरा स्कूल शिक्षा विभाग जर्जर हो गया है। स्कूल शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा, 15 सालों में स्कूली शिक्षा का जो बेड़ा गर्क किया है, उसे हम ठीक कर रहे हैं।
सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति का मुद्दा भी उठाया
भाजपा विधायक शिवरतन शर्मा ने सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति का मामला उठाया। शिवरतन शर्मा ने पूछा, सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति के लिए 3 सालों में शिक्षा विभाग द्वारा क्या-क्या किया गया? वेतन विसंगति दूर करने कब कौन-सी समिति का गठन किया गया? उनके रिपोर्ट प्रस्तुत करने की समय सीमा क्या थी?
मंत्री टेकाम ने दिया जवाब
मंत्री प्रेमसाय सिंह ने दिया जवाब कि वेतन विसंगति दूर करने के संबंध में गठित समिति की बैठक 28 नवंबर 2022 को मंत्रालय में आयोजित की गई थी। बैठक में कई बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई है। समिति द्वारा रिपोर्ट प्रस्तुत करने की समय सीमा नहीं है।
वेतन विसंगति को लेकर दोनों पक्षों में हुई भिड़त
वेतन विसंगति के मुद्दे पर विधायक शिवरतन शर्मा और मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम के बीच तीखी बहस हुई। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा, विधायक शिवरतन शर्मा ये जानना चाहते हैं कि कमेटी किन-किन बिंदुओं की जांच कर रिपोर्ट पेश करेगी।
शिवरतन शर्मा ने कहा कि मंत्री का इस पर स्पष्ट जवाब नहीं आ रहा है। मंत्री अमरजीत भगत के हस्तक्षेप करने पर शिवरतन शर्मा के साथ तीखी बहस हुई। शिवरतन शर्मा ने कहा- मैं आपसे पहले विधायक बना हूं, मुझे प्रश्न करना मत सिखाइए। अमरजीत भगत ने कहा- प्रश्न करने की जगह भाषण दे रहे हैं। शिवरतन शर्मा ने कहा कि सरकार 1 लाख शिक्षकों के साथ खिलवाड़ कर रही है।
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