Dhal Singh Bisen: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के बालाघाट से सांसद और बीजेपी नेता ढाल सिंह बिसेन (Dhal Singh Bisen) को जबलपुर हाईकोर्ट (Jabalpur High Court) ने बड़ी राहत दी है। ढाल सिंह बिसेन के खिलाफ बहुजन समाज पार्टी (BSP) के प्रत्याशी कंकर मुजारे (Kankar Mujare) द्वारा लगाई गई चुनाव याचिका (election petition) को अदालत ने खारिज कर दिया है। कोर्ट ने मुजारे को आरोपों को निराधार बताया है। इस फैसले के बाद ढाल सिंह बिसेन को बड़ी राहत मिली है।
खारिज कर दिया
हाईकोर्ट ने बीजेपी नेता ढाल सिंह बिसेन के खिलाफ दायर चुनाव याचिका को न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी की एकल पीठ ने खारिज कर दिया है। इस याचिका में कंकर मुंजारे ने आरोप लगाया था कि संपत्ति का उपयोग और EVM में गड़बड़ी करके ढाल सिंह ने चुनाव जीता है। 2019 में याचिका दायर कर मुजारे ने कोर्ट से अपील की थी कि चुनाव को रद्द करते हुए दोबार चुनाव कराए जाएं। क्योंकि ये चुनाव गलत तरीके से जीता गया है। लेकिन अब कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया है।
EVM की जांच की गई थी
जबलपुर हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि मतगणना के दौरान शिकायत को गंभीरता से लेते हुए EVM की जांच की गई थी। इसमें EVM सही पाई गई है। इसलिए याचिकाकर्ता अपने आरोपों के संबंध में कोई ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर पाए हैं। जिससे इस निराधार चुनाव याचिका को खारिज किया जाता है।
नामांकन की स्वीकारिता को भी चुनौती दी
बता दें कि कंकर मुजारे ने अपनी याचिका में एक निर्दलीय प्रत्याशी किशोर समरिते के नामांकन की स्वीकारिता को भी चुनौती दी थी। उन्होंने कहा था कि किशोर समरिते ने नामांकन पत्र में झूठी जानकारी दी थी। कोर्ट ने इसे 5 साल की सजा सुनाई है। जिसपर हाई कोर्ट से रोक लगी है। इसपर एकल पीठ ने कहा कि निर्दलीय प्रत्याशी को इतने वोट नहीं मिले थे कि वे भौतिक रूप से चुनाव प्रभावित कर सकें। इसके दायर याचिका खारिज कर दी गई।
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