संवाददाता गोपी कृष्ण साहू CG NEWS : छत्तीसगढ़ में एक अप्रैल से जहां जमीनों की रजिस्ट्री पर मिलने वाली 30 फीसदी की छूट खत्म हो गई है वहीं शराब की कीमत में वृद्धि भी कर दी गई है। इन बदलावों से शासन को जहां अधिक राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है। वहीं विपक्ष इसे लेकर हमलावर भी नजर आ रहा है आखिर रजिस्ट्री में छूट और शराब की कीमत को लेकर क्यों मचा है बवाल छत्तीसगढ़ में एक अप्रैल से कई बदलाव धरातल पर लागू हुए। प्रदेश में पिछले पांच सालों से रजिस्ट्री में मिल रही 30 फीसदी की छूट समाप्त कर दी गई। वहीं शराब की कीमत में भी वृद्धि की गई है प्रदेश में शराब अब 150 रुपए तक महंगी हो गई है। अब तक कोरोना और गौठान के विकास के लिए लगाए जा रहे सेस को समाप्त कर दिया गया है। अब इंफ्रास्ट्रक्चर और डेवलपमेंट के लिए टैक्स लगाया गया है। राज्य सरकार का प्रयास है नई आबकारी नीति से लगभग 10 हजार करोड़ का राजस्व प्राप्त हो। इसी तरह रजिस्ट्री में छूट समाप्त करने से भी सरकार के राजस्व में वृद्धि होगी। लेकिन अब कांग्रेस इसे लेकर राज्य सरकार पर हमलावर है। पीसीसी चीफ दीपक बैज कहते हैं। एक अप्रैल को सरकार ने जनता को अप्रैल फूल बनाया है। रजिस्ट्री में छूट को समाप्त कर जहां जनता को मिलने वाली राहत खत्म कर दी गई वहीं शराबबंदी की बात कहने वाली भाजपा की सरकार ने शराब की कीमत भी बढ़ा दी।
MP/CG
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