एमपी में मिशन-23 (MP BJP) के लिए बीजेपी माइक्रो लेवल पर प्लानिंग कर रही है। मतदाता सूची के हर पेज के लिए बीजेपी देश भर में पन्ना प्रमुख नियुक्त कर रही है। मध्यप्रदेश में केन्द्रीय कार्यालय के इस टारगेट से एक कदम आगे अर्द्धपन्ना प्रमुख नियुक्त किए हैं। बूथ विस्तारक अभियान पार्ट-2 में प्रदेश भर में 11 लाख 38 हजार 720 अर्द्धपन्ना प्रमुख नियुक्त किए हैं। बीजेपी ने हर बूथ पर बूथ समिति का भी गठन किया है। बूथ समिति में 7 लाख 5 हजार 100 लोगों को शामिल करने का टारगेट तय किया गया था। बूथ समितियों में 9 लाख 7 हजार 530 कार्यकर्ताओं को डिजिटली ऑनलाइन दर्ज किया है।
वोटर लिस्ट के आधे पेज पर काम करेगी टीम
बीजेपी वोटर लिस्ट के एक पेज के 60 वोटर्स को तैनात कर उनके बीच काम करा रही है। इन कार्यकर्ताओं को बतौर पन्ना प्रमुख तैनात किया जा रहा है। मप्र में 9 लाख 62 हजार 111 पन्ना प्रमुख बनाए जाने थे। मप्र भाजपा ने एक कदम और आगे बढ़ाते हुए अर्द्ध पन्ना प्रमुख बना रही है। अब तक 11 लाख 38 हजार 720 अर्द्ध पन्ना प्रमुख डिजिटली गठित किए गए हैं।बूथ कमेटियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने बूथ का पिछले दो विधानसभा चुनाव और एक लोकसभा चुनाव के परिणाम के आधार पर A-B-C की कैटेगिरी तय की जा रही हैं। पिछले चुनाव परिणाम के आधार पर बूथ को अपग्रेड करने में यानि वोट शेयर बढ़ाकर उसे सी से बी में बी से ए में अपने बूथ को ले जाने की प्लानिंग बनाने पर जोर दिया जा रहा है। जिस बूथ पर बीजेपी को 70 से 75 % तक वोट मिले थे, ऐसे बूथ को ए+ बूथ बनाया जाएगा।
रजिस्टर में होगी पूरी जानकारी
प्रदेश कार्यालय द्वारा बूथ समिति (MP News)की जरूरी जानकारी रखने के लिए रजिस्टर भेजा गया है। ये रजिस्टर बूथ पर रहेगा। इसकी एक कॉपी मंडल पर रहेगी। इस रजिस्टर को रेगुलर अपडेट करने और सुरक्षित रहने के निर्देश दिए हैं। बूथ समिति की बैठक करते वक्त कार्यवाही रजिस्टर पर बैठक के निर्णय लिखे जाएंगे। यही नहीं, बैठक में मौजूद कार्यकर्ताओं के हस्ताक्षर भी कराए जाएंगे। इस काम की जिम्मेदारी बूथ के अध्यक्ष, महामंत्री की होगी। नए मतदाताओं को पार्टी से जोड़ने के लिए लगातार कार्यक्रम और अभियान चलाए जाएंगे।
घर-घर संपर्क अभियान
महीने में एक बार घर-घर संपर्क का (MP BJP) अभियान बूथ टोली द्वारा चलाने को कहा है। सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में जनभागीदारी को बढ़ावा देने के साथ ही उनका नेतृत्व करने को कहा है। इसके लिए बूथ स्तर के सभी सरकारी कर्मचारियों जैसे- पटवारी कोटवार आगनवाड़ी कार्यकर्ता आशा कार्यकर्ता ग्राम सेवक, स्वास्थ्य कर्मी स्कूल शिक्षक पंचायत सचिव आदि से संपर्क रखने के लिए कहा गया है।
बूथ पर फोकस की मुख्य वजह
बीजेपी के 18 साल से सत्ता में होने के चलते एंटी इनकमबेंसी भी बढ़ी है। यही नहीं दूसरे दलों से आए नेताओं, कार्यकर्ताओं को सत्ता में अहम भागीदारी मिलने के बाद बीजेपी के कई सीनियर नेता नाराज हैं। लिहाजा चुनाव में कामयाबी हासिल करने के लिए बीजेपी ने बूथ की मजबूती पर टारगेट बना लिया है। ताकि विधानसभा चुनाव के दौरान दलबदल की स्थिति बने तो भी बूथ लेवल पर काम प्रभावित न हो।
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