252 सैंपल की जांच में 82 मरीजों को डेंगू निगला
वहीं बताया जा रहा है कि जिले में पहली बार 252 सैंपल की जांच में 82 मरीजों को डेंगू निकला। जिले में पीड़ितों की संख्या 401 पहुंची, जिसके बाद से यहां हड़कंप मच गया है। देखा जा रहा है कि, छोटी उम्र के बच्चों को डेंगू आसानी से शिकार बना रहा है।डेंगू बुखार में रक्त में प्लेटलेट्स की संख्या तेजी से कम होती है
वहीं बुखार के मरीज मिलने पर चिकित्सकों ने डेंगू की संभावनाओं के चलते जांच की सलाह दी जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार, डेंगू बुखार में रक्त में प्लेटलेट्स की संख्या तेजी से कम होती है जो जानलेवा साबित हो सकती है। आपको बता दें कि, बरसात के दौरान पानी जमा होने से पहले लार्वा के कारण शहर में डेंगू के मरीज भी बढ़ रहे हैं। हालांकि, एंटी लार्वा टीम द्वारा लगातार जानकारी जुटाई जा रही है।डेंगू बुखार के लक्षण
डेंगू का प्रमुख लक्षण होता है, तेज बुखार, जिसका तापमान 104 डिग्री फैरेनहाइट (40 डिग्री सेल्सियस) तक बढ़ सकता है।
डेंगू बुखार के कुछ मरीजों को पेट में दर्द और डायरिया भी हो सकता है।
कुछ मरीजों को डेंगू के साथ खांसी और सर्दी भी हो सकती है।
डेंगू इंफेक्शन से व्यक्ति काफी थक जाता है और अक्सर असमर्थ होता है।
डेंगू बुखार के लक्षणों में एक विशेषता है कि इसके साथ व्यक्ति की त्वचा पर लाल दाने निकल सकते हैं।
डेंगू के मरीजों को अक्सर जोड़ों में दर्द और सूजन हो सकती है, जिसे डेंगू के इसके लक्षण “डेंगू फीवर” कहा जाता है।
डेंगू बुखार से बचने के उपाए
स्थानीय जनसंचालन के निर्देशों का पालन करें।
अपने घर के आस-पास की जगहों पर पानी जमा न होने दें।
मच्छर काटने से बचने के लिए मच्छर नेट्स का उपयोग करें।
डेंगू बुखार से बचने के लिए अपने घर को साफ-सुथरा रखें।
स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर मच्छर प्रबंधन और डेंगू नियंत्रण के उपायों का समर्थन करें।
डेंगू वायरस मुख्य रूप से एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलता है, इसलिए मच्छरों के काटने से बचें।
Comments (0)