Bhopal: सिविल सेवा दिवस पर प्रशासन अकादमी, भोपाल में समारोह आयोजित किया गया। जिसमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Cm Shivraj) ने सिविल सर्विस अधिकारियों को संबोधित किया। संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि मैं आईएएस हूँ ठीक कर दूंगा दो मिनट में यह भाव मन में नही आना चाहिए। उन्होंने सिविल सर्विस डे पर सबको शुभकामनाएं देने के साथ इसका अर्थ भी समझाया। सीएम ने कहा - 'सिविल सर्विस डे का अर्थ ही यह है कि हम लोग हैं जनता की सेवा के लिए हम लोक सेवक हैं और मूल काम ही हमारा देश की सेवा और समाज की सेवा है। लोकतंत्र में हम सब जानते हैं जनता का, जनता के लिए जनता के द्वारा जो कुछ है जनता के लिए ही है।'
ये है सिविल सेवा दिवस 2023 की थीम
सीएम शिवराज (Cm Shivraj) ने कहा- हम समृद्धि की बात करें, विकास की बात करें, इंफ्रा की बात करें, सुरक्षा की बात करें, अंततः सब लोगों के लिए है, जनता के लिए है। सिविल सेवा दिवस 2023 की थीम विकसित भारत- नागरिकों को सतर्क करना और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना है। आज मैं सबसे पहले अपनी टीम को बधाई देना चाहता हूं, मुझे गर्व है कि हम सब ने मिलकर मध्यप्रदेश को समृद्ध और विकसित बनाने में बहुत महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
यह बात केवल कहने के लिए नहीं कह रहा,हम लोग जानते हैं कितनी तेजी से मध्य प्रदेश में परिवर्तन आया है। जब मैं सोचता हूं जब केवल 71 हजार किलोमीटर टूटी-फूटी सड़कें हुआ करती थी आज हमने 4 लाख किलोमीटर शानदार सड़के बनाई हैं। कोई कल्पना नहीं करता था प्रदेश की सिंचाई क्षमता साढ़े 7 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 45 लाख हेक्टेयर को पार कर जाएंगे और 65 लाख हेक्टेयर के टारगेट पर हम काम करेंगे।
इस बार 3 लाख 14 हजार करोड़ का बजट बनाया: CM
उन्होंने आगे (Cm Shivraj) कहा- इसके चमत्कारिक परिणाम हुए कुल कृषि उत्पादन में 700% की वृद्धि हुई। हमने देखकर अन्न के भंडार भरे। पर कैपिटा इनकम हो,जीएसडीपी में मध्यप्रदेश का योगदान हो, हमारे बजट का साइज हो। वर्ष 2005-6 में मध्यप्रदेश का बजट लगभग 25 हजार करोड रुपए होता था, जिसे 2012-13 में 1 लाख करोड़ तक ले गए और 2020-21 में दो लाख को पार किया।
मुझे गर्व है हमने इस बार 3 लाख 14 हजार करोड़ का बजट बनाया। ये आसान बात नहीं है असाधारण उपलब्धि है, हमारे पास संसाधन हैं। मध्य प्रदेश की आसाधरण उपलब्धियां हैं, जो कभी बीमारू राज्य कभी कहा जाता था। आज मुझे गर्व है हमारी परकेपीटा इनकम 11 हजार रुपया हुआ करती थी, आज 1 लाख 14 हजार रुपया है। देश की जीएसडीपी में हमारा योगदान 3.6 परसेंट होता था आज बढ़कर 4.6 परसेंट है। तुलनात्मक रूप से हमने लंबी छलांग लगाई है इसका श्रेय मैं अपनी टीम को देता हूं आप सबको देता हूं।
सीएम ने बताई 'रामराज्य' की परिभाषा
सीएम शिवराज ने कहा कि हम संकल्प करें इस सिविल सर्विस डे पर एक भी ऐसा काम जो जायज है जो होना चाहिए शेष न रहे। हम चुनौती स्वीकार करें लोगों को भटकना नहीं पड़ेगा गांव में और शहर के वार्डों में शिविर लगेगा। हमने सीएम हेल्पलाइन प्रारंभ की, जो बहुत लोकप्रिय हुईं। सीएम हेल्पलाइन में सुधार की जरूरत है उसका कुछ लोग दुरुपयोग करते है। ब्लैकमेल करते है अधिकारी कमर्चारी को। विश्लेषण करते रहना चाहिए विसंगतियों को कैसे समाप्त कर सकते है।
मैं आईएएस हूँ ठीक कर दूंगा दो मिनट में यह भाव मन मे न आये। कौन सा विभाग मिला उसकी क्या चिंता मुझे लूप लाइन में डाल दिया इसकी किया चिंता।मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों से कहा- बिना लिए दिए काम हो जाये किसी को भटकने की कोई जरूरत न पड़े अधिकारी काम कर दे यही 'रामराज्य' है।
Written By- Shoaib Khan
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