Bhopal: सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे पहली से पांचवीं के विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए प्रदेश के एक लाख 72 हजार शिक्षकों को दस हजार रुपये का टैबलेट खरीदना हैं, लेकिन इसके (MP News) लिए उन्हें अग्रिम राशि नहीं दी जा रही है। जब शिक्षक टैबलेट खरीदकर उसका रसीद विभाग के पोर्टल पर अपलोड करेंगे, तब उन्हें राशि का भुगतान किया जाएगा। अब तक प्रदेश के 20 से 25 हजार शिक्षकों ने ही टैबलेट खरीदा है।
राज्य सरकार ने जारी किए निर्देश
अब विभाग ने शिक्षकों की कम संख्या को देखते हुए 15 मार्च तक का समय टैबलेट खरीदने के लिए दिया है। अब शिक्षकों के पास पांच दिन का समय शेष है। ऐसे में उन्हें टैबलेट खरीदकर सत्यापन भी विकासखंड स्त्रोत समन्वयक (बीआरसी) से कराना है। इस संबंध में गुरुवार को राज्य शिक्षा केंद्र ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
शिक्षकों ने बताई अपनी परेशानी
शिक्षकों (MP News) का कहना है कि दस हजार रुपये में टैबलेट अच्छी क्वालिटी का नहीं मिल रहा है, जबकि विभाग ने बीआरसी को टैबलेट खरीदने के लिए 15 हजार रुपये दिए है। दोनों टैबलेट बराबर फीचर के हैं, फिर दस हजार में उच्च गुणवत्ता का नहीं मिल रहा है।
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में स्मार्ट कार्यप्रणाली को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके तहत प्राइमरी में पढ़ाने के लिए टैबलेट खरीदे जा रहे हैं। शिक्षकों की पहली आपत्ति तो यही है कि टैबलेट के लिए सरकार सिर्फ 10 हजार रुपये दे रही है। इतनी राशि में अच्छी कंपनी या गुणवत्ता का टैबलेट नहीं खरीदा जा सकता है। शिक्षकों का कहना है कि 10 हजार का टैबलेट वाइफाई से चलेगा तो स्कूलों में उपलब्ध नहीं होने के कारण उससे पढ़ाना मुश्किल होगा।
दो दिवसीय कैंप में होगा टैबलेट का सत्यापन
दिशा-निर्देश में लिखा है कि प्रत्येक जिले में दो दिवसीय कैंप 11 व 12 मार्च को लगाया जाए। शिक्षकों द्वारा खरीदे गए टैबलेट का सत्यापन करना है। साथ ही विभाग के एप और पोर्टल को भी डाउनलोड करना होगा।
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