Bhopal: प्रदेश में अब किसी भी पशु को पालने के लिए शुल्क जमा करना पड़ेगा। यानि अब कुत्ता या अन्य कोई पशु पालने का सीधा असर आपकी जेब पर पड़ने वाला है। बता दें कि इसका कारण नगरीय विकास (MP News) एवं आवास विभाग द्वारा पंजीकरण तथा अवारा पशुओं का नियंत्रण नियम 2023 में घरेलू पशुओं के लिए किए गए विशेष प्रविधान हैं।
पंजीकरण कराना होगा अनिवार्य
इसके तहत घर में पालतू पशु को रखने के लिए स्थानीय निकाय से पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। साथ ही जानवर की प्रजाति के आधार पर निर्धारित शुल्क भी जमा करना होगा। यदि पशु मालिक नियमों का उल्लंघन करता है, तो उससे मोटा जुर्माना भी वसूला जाएगा। इतना ही नहीं एक से अधिक बार पालतू पशु के अवारा घूमते पकड़े जाने पर इसे छुड़ाने के लिए मालिक को बांड भी भरना होगा। इस संबंध में नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने आदेश जारी कर दिए हैं।
आवारा पशुओं का नियंत्रण नियम 2023
बता दें कि पालतू पशुओं को लेकर यह व्यवस्था नगरीय विकास और आवास विभाग ने की है। पंजीकरण तथा आवारा पशुओं का नियंत्रण नियम 2023 के अंतर्गत कहा गया है कि शहरी क्षेत्र में रहने वाले हर पशु को माइक्रोचिप, टैग या किसी अन्य संसाधन का एक ब्रांडिंग कोड दिया जाएगा। पालतू पशुओं की श्रेणी में कुत्ता, बैल, घोड़ा, सूअर, ऊंट, खच्चर, बकरी, भेड़ या अन्य पशुओं को शामिल किया गया है।
ये होगा पंजीकरण शुल्क
नियम के तहत हर साल पशु के पंजीयन का नवीनीकरण (MP News) कराना अनिवार्य होगा, नहीं तो प्रतिदिन पंजीयन शुल्क के 10 प्रतिशत की दर से जुर्माना लगेगा। कुत्ते के पंजीयन के लिए 150 रुपये, गाय और बैल के लिए 200 रुपए शुल्क देना होगा। अन्य जानवरों के पंजीयन के लिए 50 रुपए पंजीयन चुकाने होंगे।
सलाना देना होंगे इतने रूपए
इसके बाद हर वर्ष पंजीयन नवीनीकरण कराने कुत्ते के लिए 50 रुपए, गाय-बैल के 100 रुपए और अन्य पशुओं के लिए 25 रुपए प्रतिवर्ष देने होंगे। नए नियम के तहत अगर आपका पालतू जानवर बाहर घूमता पाया गया या किसी को काट लिया तो इसको भी अपराध के रूप में अंकित किया गया है। जिसके लिए भी दंड की राशि देने के साथ ही उस जानवर का पंजीयन निरस्त करने और मालिक से बांड भराने का प्रविधान है।
ये होगी पंजीकरण प्रक्रिया
पालतू जानवर की पहचान के लिए आवश्यक दस्तावेज़ जमा करें। इसमें उनकी फोटो, जाति, उम्र और अन्य विवरण शामिल होंगे। इसके बाद, आपको अपने स्थानीय नगर पालिका कार्यालय या नगर निगम में जाकर पंजीकरण फार्म भरना होगा। इसमें जानवरों की जानकारी जैसे उम्र, रंग, जाति और स्वास्थ्य से संबंधित विवरण भरने होंगे।
फार्म भरने के बाद, जानवरों की पहचान टैग लगाने की आवश्यकता होगी। यह टैग उनकी पहचान बताने के लिए उपयोग में लाया जाता है। अपने जानवरों के लिए अलग-अलग वैक्सीनेशन भी करवाना हो सकता है। रजिस्ट्रेशन के दौरान पशु का पहचान चिन्ह भी जारी किया जाएगा, जिससे खो जाने या गुम हो जाने की संभावना से बचा जा सकेगा। इससे पशुओं की संख्या और स्थानों का तत्काल पता चलेगा जिससे वे उचित संचालन एवं संरक्षण के लिए उपलब्ध होंगे।
क्या है इसका उद्देश्य
नए नियम (MP News) के अनुसार जो भी व्यक्ति शहरी क्षेत्रों में पशु पालते हैं, उन्हें अपने और उनके पिता का नाम, पता, पशुओं की संख्या, प्रकार, उनके पानी, प्रकाश और मल निष्कासन की व्यवस्था जानकारी प्रदान करनी होगी। इस नियम का मुख्य उद्देश्य यह है कि प्रत्येक पालतू जानवर का स्वास्थ्य रिकार्ड उपलब्ध हो जिससे उनका स्वास्थ्य और व्यवहार अच्छी तरह से निगरानी किया जा सके।
Read More- Multai: नपा अध्यक्ष Neetu Parmar हुई कांग्रेस में शामिल, पीसीसी चीफ कमलनाथ ने दिलाई सदस्यता
Comments (0)