Raipur- राजधानी रायपुर की सड़कों पर बीती रात कुछ लड़कों ने एक कुत्ते लाठी-डंडों से पीट-पीटकर मार डाला। यही नहीं कुत्ते को रस्सी बांधकर उसे घसीटा। पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है। जो अब खूब वायरल हो रहा है। गुढियारी थाना क्षेत्र अन्तर्गत कुत्ते के काटने से 5 लोग जख्मी हो गए है। जिसके बाद पीड़िता के परिजनों और स्थानीय लोगों ने गुढियारी थाना पहुँचकर हंगामा कर प्रदर्शन किया। कल गुढियारी इलाके में आवारा कुत्ते के काटने से कुत्ते खौफ बढ़ गया था। जिसके चलते स्थानीय लोग लाठी डंडे से पीट-पीट कर जान से मारने पर आज एनिमल लवर कुत्ते को बचाने के लिए पहुँचे गए थाने।
एनिमल लवर शिकायत करने पहुचे थाना
एनिमल लवर के द्वारा शिकायत गुढियारी थाने में की गई। जिसके विरोध करने के लिए पहुँचे। वार्ड के स्थानीय पार्षद के समेत मोहल्ला वासी जिसके चलते आवारा कुत्ते ने 5 लोगों को गंभीर रूप से घायल किया। जिसका उपचार निजी अस्पातल में चल रहा है पीड़िता के परिजनों और स्थानीय लोगों के द्वारा जोर-शोर से थाना के बाहर हंगामा किया जा रहा था। जिसके बाद गुढियारी थाना प्रभारी पीड़िता और स्थानीय लोग की समस्या सुन कर मामला दर्ज की गई। कि सभी स्ट्रीट डॉग को हटवाने का काम इलाके के जनप्रतिनिधि करें। सरपंच ने नगर निगम की मदद से कुत्तों को हटवाने का आश्वासन लोगों को दिया।
पशु क्रूरता निवारण अधिनियम क्या कहता है?
दरअसल, बेजूबान जानवरों पर क्रूरता को रोकने के लिए साल 1960 में पशु क्रूरता निवारण अधिनियम लाया गया था। साथ ही इस एक्ट की धारा-4 के तहत साल 1962 में भारतीय पशु कल्याण बोर्ड का गठन किया गया। इस अधिनियम का उद्देश्य पशुओं को अनावश्यक सजा या जानवरों के उत्पीड़न की प्रवृत्ति को रोकना है। अधिनियम के मुताबिक इस तरह के अपराध के लिए अधिकतम 2 हजार रुपए तक का जुर्माना और 3 साल तक की सजा हो सकती है।
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