किर्गिस्तान में हो रही हिंसा के बीच उज्जैन के 10 से अधिक स्टूडेंट्स वहां फंसे हैं। छात्र इतने डरे हैं कि किसी भी तरह जल्द से जल्द भारत वापस आना चाहते हैं। उन्होंने पीएम मोदी और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से मदद की गुहार लगाई है। दरअसल किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक और आसपास के इलाकों में भारतीय, पाकिस्तानी और बांग्लादेशी स्टूडेंट्स को खासतौर पर निशाना बनाया जा रहा है। भारत से कई स्टूडेंट्स मेडिकल की पढ़ाई के लिए किर्गिस्तान में हैं। किर्गिस्तान में एमबीबीएस की पढ़ाई भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश के मुकाबले काफी सस्ती है। फिलहाल परिस्थितियों को देखते हुए किर्गिस्तान सरकार ने एग्जाम को ऑनलाइन कराने का फैसला किया है।
उन्होंने आगे कहा कि 'मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है बिश्केक और आसपास के इलाकों में भारतीय स्टूडेंट्स को निशाना बनाया जा रहा है। यह बच्चे मेडिकल की पढ़ाई के लिए किर्गिस्तान में हैं। पीएम नरेंद्र मोदी जी मध्य प्रदेश के बच्चों के साथ उनके परिजन भी बहुत परेशान हैं। सरकार का त्वरित और प्रभावी दखल जरूरी है। उम्मीद है राज्य सरकार के जरिए भी आवश्यक सूचनाएं तत्काल साझा की जाएंगी, ताकि बच्चों की जल्द और सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा सके।'
जीतू पटवारी ने किया ट्वीट
इसी बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी पीएम मोदी से छात्रों को बाहर इंडिया वापस लाने की अपील की है। जीतू पटवारी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल X पर ट्वीट कर कहा कि 'किर्गिस्तान में हो रही हिंसा में उज्जैन के 10 से ज्यादा स्टूडेंट्स फंसे हैं। वो किसी भी तरह भारत वापस आना चाहते हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से मदद की अपील की है।'• #किर्गिस्तान में हो रही हिंसा में #उज्जैन के 10 से ज्यादा स्टूडेंट्स फंसे हैं! वे किसी भी तरह #भारत वापस आना चाहते हैं! उन्होंने केंद्र सरकार से मदद की अपील की है!
— Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) May 20, 2024
• मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है बिश्केक और आसपास के इलाकों में भारतीय स्टूडेंट्स को निशाना बनाया जा रहा…
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