प्रदेश में मानसून लगातार सक्रियता दिखा रहा है। राजधानी भोपाल सहित प्रदेश भर में शनिवार सुबह से वर्षा हुई। राज्य में पिछले कई घंटों से पानी गिर रहा है। मौसम विभाग ने राज्य में अगले 20 घंटे अधिकांश जगहों पर वर्षा होने की संभावना व्यक्त की है। प्रदेश के 46 जिलों में भारी से अति भारी वर्षा से लेकर हल्की वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है।
इन जिलों में मध्यम वर्षा की चेतावनी
विभाग के अनुसार बैतूल जिले में भारी से अति भारी वर्षा हो सकती है, जबकि सीहोर, नर्मदापुरम, हरदा, खंडवा, छिंदवाड़ा, झाबुआ व धार जिलों में तेज वर्षा का अलर्ट है। बुरहानपुर, डिंडौरी, खरगोन, बड़वानी, आलीराजपुर, रतलाम, देवास, नरसिंहपुर, सिवनी व मंडला जिला में मध्यम वर्षा की चेतावनी है। राजधानी भोपाल सहित विदिशा, रायसेन, राजगढ़, झाबुआ, धार, इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, भिंड, सिंगरौली, सीधी, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी, जबलपुर, बालाघाट, सागर और दमोह में हल्की वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है।नरसिंहपुर में सबसे ज्यादा वर्षा
अभी प्रदेश में दो मानसून ट्रफ लाइनों की वजह से वर्षा हो रही है। इनमें से एक उत्तरी मध्यप्रदेश से तो दूसरी ट्रफ लाइन राज्य के पूर्वी हिस्से से गुजर रही है। दोनों सिस्टम अभी सक्रिय हैं, लेकिन अगले दो दिनों में कमजोर हो जाएंगे। प्रदेश में सीजन में अब तक सबसे ज्यादा वर्षा नरसिंहपुर में हुई है, जहां 1270 मिमी से ज्यादा वर्षा हो चुकी है। प्रदेश में औसत वर्षा 921.25 मिमी पर पहुंच गई है। वहीं टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में मानसून की सक्रियता नहीं है, इसलिए वर्षा नहीं होने का अनुमान है।सात जिले अब भी सूखे के रेड जोन में
पिछले एक पखवाड़े से मानसून के मेहरबान होने के बाद प्रदेश से सूखे का संकट टल गया है, लेकिन सात जिले अभी रेड जोन में हैं। इनमें भोपाल, गुना, अशोकनगर, दमोह, सतना, रीवा और सीधी जिले शामिल हैं। बड़े परिप्रेक्ष्य में देखें तो पूर्वी मध्य प्रदेश में अब तक औसत से चार प्रतिशत कम और पश्चिमी मध्यप्रदेश में औसत से तीन प्रतिशत अधिक वर्षा हो चुकी है।Read More: लाड़ली बहना योजना का बढ़ा दायरा, इस बार मिलेगा जल्द नया तोहफा, सीएम का बड़ा ऐलान
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