राज्यपाल ने 22,460 करोड़ रुपए के सप्लीमेंट्री बजट को हरी झंडी दे दी है। इस बजट को हरी झंडी मिलने के बाद अब रुके हुए कामों में तेजी आने की संभावना है। इसमें सड़क और पुल-पुलिया निर्माण के साथ नल-जल योजना के तहत घर-घर जल पहुंचाने के लिए जल जीवन मिशन योजना का ध्यान रखा गया है।
राज्य में उद्योग धंधों की भी चिंता सरकार ने की है, वहीं यह भी प्रयास है कि यहां अधिक से अधिक निवेश आए, इसके लिए बजट में राशि का प्रावधान है। शीतकालीन सत्र में पारित बजट को राज्य सरकार ने राजभवन को भेजा था। उद्योग एवं निवेश प्रोत्साहन पर फोकस प्रदेश सरकार का फोकस उद्योग एवं निवेश प्रोत्साहन पर है।
इसी को ध्यान में रखते हुए एमएसएमई प्रोत्साहन व्यवसाय निवेश संवर्धन और सुविधा प्रदाय योजना के लिए 40 करोड़, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के लिए 50 करोड़ एवं औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के अंतर्गत निवेश प्रोत्साहन योजना के लिए 250 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।
मोहन सरकार के सप्लीमेंट्री बजट को राज्यपाल की मंजूरी मिल गई है, लाडली बहनों के लिए ये ये बजट खास हो चला है।
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