जम्मू-कश्मीर में शुक्रवार को न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज की गई। श्रीनगर में इस सर्दी के मौसम की अब तक की सबसे ठंडी रात रिकॉर्ड की गई, जहां पारा माइनस 6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। घाटी में बेहद कम रात्री तापमान के कारण पानी के नल, सड़कों पर जमा पानी और छोटी-छोटी झीलें जम गई हैं। दिन और रात के तापमान के अंतर में भी कमी आई है। गुरुवार को श्रीनगर में अधिकतम तापमान 11.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
20 जनवरी तक ठंडा और शुष्क मौसम रहने की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार 20 जनवरी तक घाटी में मौसम आमतौर पर ठंडा और सूखा बना रहेगा। इस दौरान बारिश या बर्फबारी की संभावना बेहद कम है। लंबे समय से जारी शुष्क मौसम ने जम्मू-कश्मीर में चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि कृषि, बागवानी और पेयजल के लिए आवश्यक जल स्रोत भारी बर्फबारी पर निर्भर रहते हैं।
चिल्लई कलां की आधी अवधि बीती, अब तक नहीं हुई बर्फबारी
कश्मीर में कड़ी सर्दी की 40 दिनों की अवधि ‘चिल्लई कलां’ का आधा समय बीत चुका है, लेकिन घाटी के मैदानी इलाकों में अब तक इस मौसम की पहली बर्फबारी नहीं हुई है। चिल्लई कलां 30 जनवरी को समाप्त होगा। फरवरी और मार्च में होने वाली बर्फबारी का असर सीमित होता है, क्योंकि वह जल्दी पिघल जाती है और पहाड़ों में स्थायी जल स्रोतों को पर्याप्त रूप से भर नहीं पाती।
अन्य इलाकों में भी कड़ाके की ठंड
गुलमर्ग स्की रिजॉर्ट में न्यूनतम तापमान माइनस 7.2 डिग्री, जबकि पहलगाम में माइनस 7.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। जम्मू शहर में न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री, कटरा में 3.5, बटोटे में 1, बनिहाल में माइनस 0.9 और भद्रवाह में माइनस 3.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की संख्या
ठंडे और शुष्क मौसम के कारण सीने और हृदय रोगों से पीड़ित मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। पल्मोनोलॉजिस्ट और कार्डियोलॉजिस्ट के अस्पतालों और क्लीनिकों में भारी भीड़ देखी जा रही है। डॉक्टरों ने ऐसे मरीजों को अतिरिक्त सावधानी बरतने और अत्यधिक ठंड के दौरान घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है।
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