Raipur: कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला (Sushil Anand Shukla) ने कवर्धा में नाबालिग से दुष्कर्म पर कहा कि, यह बेहद ही गंभीर मामला है। अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, पूछताछ की जा रही है। बच्ची से भी पूछताछ की जा रही है, क्योंकि बच्ची अबोध है बताने में वो सक्षम नहीं है। पुलिस उसका सूक्ष्म अन्वेषण कर रही है। घटना बेहद ही दरिंदगी भरी है। समाज में इस प्रकार की घटनाएं नहीं होनी चाहिए।
पत्र लिखने पर कहा
मोहन मरकाम के पत्र राज्यपाल को लिखने पर कहा कि, पिछले कुछ दिनों से जिस प्रकार राजभवन आचरण दिखा रहा है। इससे राज्य के हर प्रबुद्ध व्यक्ति को आशंका लगती है। कुलपति के पद पर किसी संघ के आदमी को लाकर न बैठा दिया जाए। इसी चिंता के कारण मोहन मरकाम जी ने राज्यपाल को पत्र लिखा है। स्थानी को प्राथमिकता दी जाए यही मुख्यमंत्री की भी मनसा है। यह कांग्रेस के सतह की लड़ाई की बात नहीं है। भाजपा इस पर हल्के बयान देकर विषय से ध्यान मत भटका जाए।
समय बढ़ा देने पर बोले
वहीं झीरम घाटी की कार्यवाही का समय बढ़ा देने पर उन्होंने कहा कि, जब जस्टिस मिश्रा आयोग का कार्यकाल खत्म हुआ। हमारी सरकार ने उसी आयोग के कार्यकाल को बढ़ाया। उसमें दो और जस्टिस की नियुक्ति की है। इसमें कुछ बिंदुओं को भी जोड़ा गया है। जिसके कारण जांच में समय लग रहा है। इसलिए उसके समय को आयोग के अनुरोध पर फिर से बढ़ाया गया है।
दिवालियापन से जूझ रही
सुशील आनंद शुक्ला ने भाजपा के केंद्रीय योजनाओं को लोगों तक ले जाने पर कहा कि, छत्तीसगढ़ में भाजपा मुद्दों के दिवालियापन से जूझ रही है। कौन सी केंद्रीय योजनाओं को लेकर जाएंगे 5 प्रमुख फंडामेंटल वाले प्रधानमंत्री ने किए थे। किसानों की आय दोगुनी करने का भाजपा इस पर क्या बताएगी जनता को। हर साल 2 करोड युवाओं को रोजगार देने का भी वादा भाजपा ने किया था। उसे भी पूरा नहीं कर पाई। किसानों के एमएसपी गारंटी, गरीबी दूर करने का, आय दुगनी करने का कुछ भी नहीं कर पाई। हर वादे में तो विफल रहे तो ऐसी कौन सी योजना को लेकर जनता के बीच जाएंगे।
नक्सलवाद पर दिए बयान को लेकर बोले
वहीं उन्होंने निश्चलानंद सरस्वती के नक्सलवाद पर दिए बयान को लेकर कहा कि, निश्चलानंद जी का ही अपना अनुभव होगा। छत्तीसगढ़ में स्थितियां बदली हैं। हमारी सरकार आने के बाद 80 फ़ीसदी नक्सल घटनाओं में कमी आई है, NCRB के आंकड़े, केंद्रीय गृह राज्य मंत्रालय यह बताता है। कांग्रेस हमेशा नक्सलवाद के विरोध में रही है। हमने सबसे ज्यादा नक्सलवाद के दंश को झेला है। भारतीय जनता पार्टी सलवार के पोषक के रूप में सामने जरूर आई है यह हिंदुत्व की ब्रांडिंग करके अपना हित साधते रहे हैं। शंकराचार्य जी ने वही आईना दिखाया है।
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