भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे हॉल में परिचर्चा कार्यक्रम रखा गया जिसमें सीएम ने प्रबुद्धजनों के साथ चर्चा की। इस दौरान सीएम ने कहा गरीबी की परिभाषा क्या है एक बड़ा अहम सवाल है, ये बात सच है कि रोटी न होना गरीबी है, भूखे भजन न होय गोपाला। हमें रोटी चाहिए, कपड़ा न होना गरीबी, रहने का टुकड़ा न होना गरीबी, मकान न होना भी गरीबी है, रोजगार के साधन न होना भी गरीबी है। रोटी, कपड़ा, मकान, पढ़ाई और दवाई, स्वास्थ्य की सुविधाएं नहीं है तो वो भी गरीबी है।
मध्यप्रदेश की 9 करोड़ जनता के लिए गर्व का विषय है
हम भारत की सोच को देखें और अंदर जाएँ तो हमारे ऋषियों ने बताया है कि वास्तव में मनुष्य चाहता क्या है दो चीजें सभी चाहते हैं, नंबर एक- कोई मरना नहीं चाहता है, दूसरा नंबर- सभी सुखी जीवन चाहते हैं। मध्यप्रदेश में गरीबी कम हुई है, ये मेरे लिए और मध्यप्रदेश की 9 करोड़ जनता के लिए गर्व का विषय है, मैं पूरी टीम को बधाई देता हूँ। रोटी, कपड़ा, मकान और शिक्षा हो, वो गरीब नहीं है, उसका जीवन सुखी है। सुखी रहना है तो मन का सुख होना जरुरी है।मन का सुख बहुत अलग होता है उसका रोटी से कोई मतलब नहीं होता है। मन के सुख से आगे चलते हैं तो बुद्धि का सुख भी होना जरुरी है।एक अंतिम सुख होता है वो है आत्मा का सुख और जो अंदर से सुखी होता है वो ही आत्मा का सुख होता है।मैं अमीरी की परिभाषा दूँ तो जो कोई सतही न देखे, शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा इन चारों का सुख हो तो वही अमीरी है।अन्न का उत्पादन बढ़ा
मध्यप्रदेश में कभी सिंचाई साढ़े 7 लाख हेक्टेयर हुआ करती थी, जिसे बढ़ाकर 47 लाख हेक्टेयर कर दी तो अन्न का उत्पादन बढ़ा है।आज अन्न के उत्पादन में 700 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।गेहूं के उत्पादन में हमने पंजाब को पीछे छोड़ दिया है।सड़क बनी तो गरीबी कम हुई, सिंचाई के साधनों का विकास हुआ तो गरीबी कम हुई, शिक्षा की व्यवस्था बेहतर हुई तो गरीबी कम हुई।पहले कभी मध्यप्रदेश की पर कैपिटा इनकम 11 हजार रुपए थी, आज मध्यप्रदेश की पर कैपिटा इनकम 1 लाख 40 हजार रुपए है।ये योजना हमने बनाई
मध्यप्रदेश की जीएसडीपी कभी 71 हजार करोड़ रुपए हुआ करती थी, आज लगभग 15 लाख करोड़ रुपए है।पहले देश की जीडीपी में हमारा योगदान मात्र 3% हुआ करता था आज 4.8% है।कई लोग लाड़ली बहना योजना पर सवाल उठा रहे है, महिला और पुरुष के बीच असमानता को दूर करने के लिए ये योजना हमने बनाई। हमने स्थानीय निकाय के चुनाव में बहनों को 50% आरक्षण दिया।पुलिस भर्ती में भी बेटियों को आरक्षण दिया।लाड़ली बहना योजना बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी।मैंने बैगा, भरिया और सहरिया जनजाति की बहनों को 1 हजार रुपए दिए, इन रुपयों से बहनों ने घर के जरुरी सामान खरीदे। हम मध्यप्रदेश में अनेक कल्याणकारी योजनाएं चला रहे हैं।हमने इस साल 3 लाख 14 हजार करोड़ रुपये का बजट दिया है।हम सड़क, बिजली, पानी, मेट्रो, एक्सप्रेसवे, सीएम राइज स्कूल और सभी चीज देने का काम कर रहे हैं।हमारा संकल्प गरीब कल्याण है। मध्यप्रदेश आज तेज गति से आगे बढ़ रहा है।मध्यप्रदेश में हम समग्र विकास कर रहे है इसीलिए मध्यप्रदेश में तेज गति से गरीबी कम हो रही है।Read More: मध्य प्रदेश के परिवहन चेकपोस्ट होंगे बंद, गुजरात माडल की तर्ज पर वाहन जांच की होगी व्यवस्था
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