Bhopal: राजाभोज विमानतल परिसर में तैयार किए जा रहे रामवन में रविवार सुबह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने मंत्रिमंडल के सभी सहयोगियों के साथ पौधारोपण किया। सुबह करीब दस बजे सीएम शिवराज सिंह चौहान राम वन पहुंचे और पौधारोपण कार्यक्रम (Bhopal News) शुरू किया। उनके साथ प्रदेश सरकार के तमाम मंत्रियों के अलावा भाजपा के संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा, पार्टी प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा, महापौर मालती राय समेत कई बड़े नेता व जिला प्रशासन व पुलिस के कई बड़े अधिकारी भी मौजूद रहे। यहां अलग-अलग प्रजाति के 740 पौधे रोपे गए। इस अवसर पर यहां मुख्यमंत्री शिवराज के पौधारोपण अभियान से जुड़ी तस्वीरों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। मुख्यमंत्री शिवराज के पौधारोपण संकल्प के 2 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रम में "संकल्प के 2 वर्ष" पुस्तिका का विमोचन भी किया।
2021 में अमरकंटक से शुरू किया गया था अभियान
रामवन में लगभग आधा एकड़ भूमि (Bhopal News) में पौधे लगाए जा रहे हैं। पौधारोपण करने से पूर्व सीएम शिवराज ने यहां लोगों को दो साल से चले आ रहे अपने पौधारोपण अभियान से जुड़े अनुभव सुनाए। सीएम ने कहा कि प्रतिदिन पौधरोपण के संकल्प को दो वर्ष पूर्ण हुए हैं। 19 फरवरी 2021 को अमरकंटक में मैंने इस अभियान को शुरू किया था। मुझे खुशी है कि मेरे इस संकल्प में जनभागीदारी से 67 लाख से अधिक पौधे अब तक लगाये जा चुके हैं।
जन्मदिन पर लगाए जाते है पौधे
सीएम शिवराज ने आगे कहा कि ग्लोबल वार्मिंग, क्लाइमेट चेंज से धरती को बचाना है तो हमें पौधरोपण करना पड़ेगा। मेरे मन में विचार आया कि पौधरोपण के लिए जनता को प्रेरित भाषण से नहीं आचरण से करना है, इसलिए मैंने प्रतिदिन पेड़ लगाने का संकल्प लिया। जन्मदिन पर शॉल, श्रीफल, बुके, स्मृति चिह्न की क्या जरूरत है? जन्मदिन पर पौधे लगाने से बेहतर और क्या हो सकता है! पौधे लगाना मतलब धरती माता का श्रृंगार, हमारे जीने के लिए ऑक्सीजन, पक्षियों के बैठने का स्थान। एक पेड़ सिर्फ हमें ऑक्सीजन, फल-फूल, छांव इत्यादि ही नहीं देता, बल्कि न जाने कितने पक्षियों, जीवों, कीट-पतंगों को आश्रय भी देता है। पावन कार्य के लिए संकल्प मजबूत हो तो कोई भी बाधाएं है सामने नहीं टिक सकतीं कोविड-19 के संकट काल में भी पौधरोपण का क्रम निर्बाध जारी रहा।
अलग-अलग प्रजाति के पौधे लगाए जाएंगे
रामवन (Bhopal News) में अलग-अलग प्रजाति के पौधे लगाए जाते हैं, जिसमें मेडिशनल, फलदार, छायादार, व्यवसायिक उपयोग में आने वाले पौधे लगाए जाते हैं। पारंपरिक तकनीक से पौधे लगाए जाते हैं। जमीन कम पानी वाली होती है। साथ ही केमिकल की जगह आर्गेनिक फर्टिलाइजर का इस्तेमाल करते हैं। इससे जमीन भी उपजाऊ होती है। पौधों में प्राकृतिक खाद का उपयोग किया गया है। इस खाद को तैयार करने में 48 डंपर राख का उपयोग किया गया है। यह राख भोपाल के सभी श्मशान घाटों से एकत्रित की गई है। इस राख में 800 डंपर जलकुंभी को मिलाकर प्राकृतिक खाद तैयार की गई है। रामवन में लगाए जा रहे पौधे की लाइव मानिटरिंग क्यूआर कोड से की जाएगी। राम आस्था मिशन द्वारा पौधों की मानिटरिंग के लिए क्यूआर कोड तैयार किया गया है, जिसके माध्यम से लोग कही भी बैठकर अपने लगाए पौधे को बढ़ता हुआ देख सकेंगे।
16 एकड़ में तैयार हो रहा रामवन
राम आस्था मिशन के संस्थापक तन्मय जैन और 1985 बैच के आइएएस अधिकारी रमेश प्रताप सिंह ने बताया कि 16 एकड़ में यह राम वन तैयार हो रहा है। इसकी खासियत है कि इस रामवन को पूरी तरह प्राकृतिक रूप से तैयार किया जा रहा है। इसमें एक लाख चालीस हजार पौधे लगाए जाने हैं, जिसमे अब तक 48 हजार पौधे लगाए जा चुके हैं। रामवन में 120 प्रजाति के पौधे लगाए जा रहे हैं और भविष्य में 800 से अधिक पौधे और वनस्पति लगाए जाने का लक्ष्य है। यह पौधे मध्यप्रदेश की मूल प्रजाति के लगाए जा रहे हैं। इन पौधों को सुरक्षित व संरक्षित भी किया जाएगा। इन पेड़ों में जो भी फल या उपज होगी, उसके लिए हार्वेस्टिंग नहीं होगी। ऐसे में यहां के फल सिर्फ पशु-पक्षी ही खाएंगे। पक्षियों द्वारा खाए गए फल और बीज सीधे जमीन पर गिरेंगे, जिससे नेचुरल जंगल की तरह रामवन तैयार होगा। यह राम वन आक्सीजन बैंक की तरह काम करेगा।
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