Hanuman Jayanti 2023: संस्कारधानी जबलपुर में गुरुवार को प्रभु श्रीराम के अनन्य भक्त संकट मोचन हनुमान जी का जन्मोत्सव मनाएंगे। गढ़ा के पुराने पचमठा परिसर स्थित हनुमान मंदिर में श्री हनुमत लला को एक हजार किलो महालड्डू का विशेष भोग लगाया जाएगा। महालड्डू को वर्तमान में दर्शन के लिए मंदिर में सजा कर रखा गया है। बुधवार को हनुमान जन्म महोत्सव की पूर्व संध्या पर नर्मदा जल और आटे से बने अनगिनत दीपों की रोशनी से पचमठ तीर्थ परिसर जगमगा उठा था।
Madhya Pradesh | On the occasion of Hanuman Jayanti, Lord Hanuman was offered laddoos weighing one ton at Pachmatha temple in Jabalpur. pic.twitter.com/UcCNYWG6al
— ANI MP/CG/Rajasthan (@ANI_MP_CG_RJ) April 6, 2023
महालड्डू की सामग्री (Hanuman Jayanti 2023)
एक हजार किलो का महालड्डू प्रसादम तैयार कर लिया गया है। महालड्डू का प्रसादम तैयार करने के लिए एक दर्जन कारीगरों की टीम ने सचिन राजपूत के नेतृत्व में 30 मार्च से कढ़ाई चढ़ाई थी। एक हजार किलो के महालड्डू को बनाने के लिए 330 किलो बेसन, 500 किलो शक्कर, 100 किलो मेवा, 10 टीन घी और पांच टीन तेल का इस्तेमाल किया गया है। महालड्डू को नागपुर से आये स्पेशल स्टैंड में आकर दिया गया।
कैसे हुआ निर्माण
हनुमान जयंती (Hanuman Jayanti 2023) पर हनुमान भक्त इस विशाल लड्डू से बजरंगबली को महाभोग लगाएंगे। बूंदी से बने इतने विशाल महा लड्डू को बनाने के लिए नागपुर से विशेष कारीगरों को बुलाया गया था। नागपुर से ही एक विशेष प्रकार के सांचे को मंगाकर एक टन वजनी महालड्डू का निर्माण कराया गया है।
2022 से शुरू हुआ था महालड्डू बनाने का सिलसिला
वर्ष 2022 से शुरू हुआ महालड्डू बनाने का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। पूरे जबलपुर में एक टन के इस लड्डू की चर्चा है। हनुमान जयंती के दिन बड़ी संख्या में इस लड्डू को देखने लोग आते हैं। भगवान को भोग लगाने के बाद इसे प्रसाद रूप में वितरित किया जाता है।
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