प्रदेश के 21 हजार 110 पंचायत सचिवों को सातवां वेतनमान देने में सरकार के ऊपर 180 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्त भार आएगा। इस राशि की व्यवस्था गौड खनिज मद से की जाएगी। इसकी स्वीकृति का प्रस्ताव शुक्रवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा। वहीं, बालाघाट के परसवाड़ा में अनुविभागीय कार्यालय खोलने और छतरपुर की सटई उप तहसील को तहसील बनाने पर भी निर्णय लिया जा सकता है।
मंत्रालय में 12 बजे से प्रस्तावित कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री द्वारा पंचायत सचिवों को सातवां वेतनमान देने की घोषणा की पूर्ति के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अतिरिक्त राशि की पूर्ति के लिए प्रस्ताव रखेगा। पंचायत सचिवों को महंगाई भत्ता मिलाकर अभी अधिकतम 34 हजार 632 रुपये मासिक वेतन मिल रहा है। सातवां वेतनमान मिलने से इन्हें 42 हजार 814 रुपये प्रतिमाह प्राप्त होंगे।
इसके लिए विभाग ने 180 करोड़ रुपये अतिरिक्त मांगे हैं। बैठक में इसके अलावा विद्यार्थियों को दिए जाने वाले गणवेश की व्यवस्था में परिवर्तन का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रस्तावित किया है कि स्व-सहायता समूहों को गणवेश की राशि सीधे देने के स्थान पर आजीविका मिशन की राज्य इकाई के माध्यम से दी जाए।
गुणवत्ता और वित्तीय नियंत्रण के लिए राज्य स्तर पर समिति गठित हो। राजस्व से जुड़े कामों के लिए आमजन को दूर न जाना पड़े, इसलिए बालाघाट के परसवाड़ा में अनुविभागीय कार्यालय खोला जाएगा। अभी स्थानीय लोगों को 25 किलोमीटर दूर बैहर जाना पड़ता है। इसी तरह छतरपुर की उप तहसील सटई को तहसील बनाया जाएगा। बैठक में 15 प्रस्तावों पर विचार होगा।
प्रदेश के 21 हजार 110 पंचायत सचिवों को सातवां वेतनमान देने में सरकार के ऊपर 180 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्त भार आएगा। इस राशि की व्यवस्था गौड खनिज मद से की जाएगी। इसकी स्वीकृति का प्रस्ताव शुक्रवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा। वहीं, बालाघाट के परसवाड़ा में अनुविभागीय कार्यालय खोलने और छतरपुर की सटई उप तहसील को तहसील बनाने पर भी निर्णय लिया जा सकता है।
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