मध्य प्रदेश सरकार ने दिल के मरीजों को राहत देने के लिए एक अहम कदम उठाया है। अब सरकारी अस्पतालों में कार्डियक कैथ लैब बनाई जाएंगी, जिससे हार्ट रोगियों को सस्ता इलाज मिल सकेगा। ये कैथ लैब पीपीपी मॉडल के तहत बनाई जाएंगी, जिसमें एंजियोप्लास्टी और एंजियोग्राफी जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं मिलेंगी। इससे सरकारी अस्पतालों में इलाज 40 फीसदी तक सस्ता होगा। इसको लेकर एमपी सरकार ने खाका तैयार कर लिया है। इससे राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों को काफी फायदा होगा।
दिल के मरीजों को 40% सस्ता मिलेगा इलाज
दरअसल, एमपी सरकार ने हृदय रोगियों के इलाज के लिए एक महत्वपूर्ण योजना तैयार की है। इसके तहत सरकारी अस्पतालों में पीपीपी मॉडल पर कार्डियक कैथ लैब स्थापित की जाएंगी, जिससे एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी जैसी सेवाएं 40% कम खर्च पर उपलब्ध होंगी। सरकार ने इसे लागू करने का खाका तैयार कर लिया है और इस पहल से एमपी के सरकारी अस्पतालों में हृदय रोगियों को किफायती इलाज की सुविधा मिलेगी। इससे मरीजों को निजी अस्पतालों के मुकाबले कम खर्च में बेहतर इलाज मिल सकेगा।
एंजियोप्लास्टी और एंजियोग्राफी की मिलेगी सुविधा
कैथ लैब बनने से एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी और अन्य उपचार की सुविधाएं बाजार दर से करीब 40 प्रतिशत कम दाम पर मिलने की उम्मीद है। प्राइवेट अस्पतालों में एंजियोग्राफी के लिए 15 हजार और एंजियोप्लास्टी के लिए डेढ़ से दो लाख रुपये खर्च करने पड़ते हैं। इसके अलावा आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों को मुफ्त इलाज मिल सकेगा। अभी इनमें से ज्यादातर मरीज इलाज के लिए प्राइवेट अस्पतालों में जाते हैं। आयुष्मान के तहत इनका खर्च सरकार को उठाना पड़ता है।
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