हाईकोर्ट ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के उम्मीदवारों को अंतरिम राहत दी है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत तथा जस्टिस विवेक जैन की युगल पीठ ने अपने आदेश में कहा है कि ईडब्ल्यूएस वर्ग को आरक्षित वर्ग के अन्य अभ्यर्थियों की तरफ आयु सीमा में पांच साल की छूट सहित अन्य लाभ प्रदान किए जाएं। इनके फार्म इसी आधार पर जमा किए जाएं। युगलपीठ ने फार्म जमा करने की तारीख में बढ़ोतरी के संबंध में यूपीएससी से जवाब मांगते हुए मंगलवार को सुनवाई निर्धारित की है। युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि नियुक्ति याचिका का फैसला अंतिम आदेश के आधीन रहेगा।
हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा था कि ईडब्ल्यूएस के उम्मीदवारों को आरक्षित श्रेणी में रखा गया है। आरक्षित श्रेणी में रखे जाने के बाद भी ईडब्ल्यूएस के उम्मीदवारों को आयु सीमा व अटेम्ट संख्या का लाभ नहीं दिया जा रहा है। यूपीएससी ने साल 2025 में 979 पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा 25 मई को आयोजित की जाएगी। याचिका में कहा गया है कि सामान्य वर्ग के तरफ ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए भी एक जैसी शर्त रखी गयी है। आरक्षित वर्ग ओबीसी, सामान्य (विकलांग), ओबीसी विकलांग, एससी/एसटी वर्ग के लिए 9 अटेम्ट और आयु सीमा में छूट प्रदान सहित अन्य लाभ प्रदान किये गए हैं।
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