मध्यप्रदेश के उज्जैन महाकाल मंदिर की सुरक्षा और व्यवस्थाओं में सुधार के लिए कलेक्टर कार्यालय ने 9 अधिकारियों की नियुक्ति की है। इनमें दो डिप्टी कलेक्टर, नायब तहसीलदार, परियोजना अधिकारी सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं। ये अधिकारी मंदिर की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और अन्य प्रशासनिक कार्यों को संभालेंगे। यह कदम महाकाल मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। इन अधिकारियों की नियुक्ति से मंदिर परिसर की व्यवस्था में सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है।
इन अधिकारियों की नियुक्ति की गई
बता दें कि महाकाल मंदिर में आग लगने, दीवार गिरने और प्रवेश शुल्क के नाम पर अवैध वसूली के मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद IAS प्रथम कौशिक को मंदिर का प्रशासक नियुक्त किया गया था। कलेक्टर कार्यालय से करीब चार दिन पहले जारी आदेश के बाद मंदिर की व्यवस्था सुधारने के लिए दो डिप्टी कलेक्टर सिम्मी यादव और एस.एन. सोनी, नायब तहसीलदार हिमांशु कारपेंटर, आशीष पालवड़िया, परियोजना अधिकारी अरुण शर्मा, एडीपीसी गिरीश तिवारी, एटीओ एल.एन. मकवाना, उपयंत्री एस.के. पांडे और देवेंद्र परमार को नियुक्त किया गया है।
भक्तों की बढ़ती संख्या में इजाफा
कलेक्टर नीरज सिंह ने बताया कि महाकाल लोक निर्माण के बाद मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। इस बढ़ती भीड़ को देखते हुए राज्य शासन ने मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए आईपीएस अधिकारी को प्रशासक नियुक्त किया है। और इन अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
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