भोपाल AIIMS में पहली बार हार्ट ट्रांसप्लांट के मरीज से मिलने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अस्पताल पहुंचे। इस दौरान सीएम ने अंगदान, देहदान करने वालों को राजकीय सम्मान देने का ऐलान किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अंगदान, देहदान को बढ़ावा मिलना चाहिए। सरकार ने फैसला लिया है कि अंग प्रत्यारोपण के लिए प्रदेश में संस्थान खोला जाएगा। अंगदान करने का ये एक उदाहरण है। हेल्थ डिपार्टमेंट को प्राथमिकता से लिया, एयर एंबुलेंस की व्यवस्था की। मरीजों की जान बचाई जा रही है। हर दिन कई उदाहरण आ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अंगदान करने वालों का आयुष्मान कार्ड बनवाने का काम सरकार करेगी।
सीएम ने की मुलाकात
सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा, “मैंने मरीज दिनेश मालवीय से मुलाकात की, वो काफी खुश थे। भोपाल एम्स के डॉक्टर ने बेहतर कार्य किया। अंग डोनेट करना कितना अच्छा है उसका आज फायदा पता चला।
मरीज को नया दिल दिया गया
बता दें कि बीते दिनों सागर के रहने वाले 61 वर्षीय बलिराम कुशवाहा का ब्रेन डेड होने के बाद उनके निधन पर कुशवाहा परिवार ने उनके ऑर्गन डोनेट करने का फैसला किया था, जिससे दूसरों की जिंदगी बचाई जा सके। सबसे पहला ट्रांसप्लांट भोपाल के एम्स में हुआ, जहां एक मरीज को नया दिल दिया गया।
आयुर्विज्ञान संस्थान विकसित किया जाएगा
सीएम ने कहा कि लोक स्वास्थ्य, राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इस उद्देश्य से ही लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग का एकीकरण किया गया। प्रदेश के विस्तृत भौगोलिक क्षेत्र को देखते हुए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के समान ही राज्य शासन द्वारा भी आयुर्विज्ञान संस्थान विकसित किया जाएगा। राज्य शासन द्वारा रोगियों को तत्काल स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पीएमश्री एयर एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। जिन स्थानों पर हवाई पट्टियां हैं वहां विमान से और जहां हवाई पट्टियां नहीं है वहां हेलीकॉप्टर के माध्यम से मरीजों को चिकित्सा संस्थानों में भेजने की व्यवस्था की जा रही है। गंभीर स्थिति के मरीजों के उपचार में समय महत्वपूर्ण होता है, एयर एंबुलेंस सेवा से कम से कम समय में मरीज को उपयुक्त इलाज उपलब्ध कराना संभव हुआ है।
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