मध्यप्रदेश के उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ 2028 के दौरान देश के विभिन्न स्थान से बाबा महाकाल व महाकाल लोक के दर्शन, पवित्र क्षिप्रा नदी में स्नान के लिए आने वाले भक्तों की सुविधा के लिए भारतीय रेलवे व रतलाम रेल मंडल मिलकर 500 से अधिक ट्रेन चलाएगा। यह ट्रेन देशभर के अलग-अलग क्षेत्र से 2 हजार से अधिक फेरे लगाएगी। इस योजना को मूर्तरूप देने की तैयारी रेल मंत्रालय ने शुरू कर दी है।
महाकुंभ के दौरान रेलवे ने बनाया रिकॉर्ड
इस समय प्रयागराज महाकुंभ चल रहा है। इस महाकुंभ के दौरान ही रेलवे ने एक दिन में ही 330 ट्रेन यानी की प्रत्येक 4 मिनट में एक ट्रेन चलाकर रिकॉर्ड बनाया है। इस कार्य में न सिर्फ प्रयागराज बल्कि देशभर से चलने वाली रेल के कर्मचारी भी सहयोगी बने। रेलवे ने रतलाम रेल मंडल से ही 56 कर्मचारी अलग-अलग विभाग के भेजे हुए हैं। इनके अनुभव का लाभ तो रतलाम रेलवे सिंहस्थ के दौरान लेगी ही इनके साथ-साथ उन कर्मचारियों को भी रतलाम रेल मंडल में समय-समय पर बुलाया जाएगा जो प्रयागराज महाकुंभ के दौरान ड्यूटी दे रहे हैं।
सिंहस्थ 2016 में चली थीं 400 ट्रेन
रतलाम रेल मंडल के प्रबंधक अश्विनी कुमार ने बताया कि 2016 के सिंहस्थ के समय 400 ट्रेन चली थीं व 1200 फेरे लिए गए थे। इस बार 500 से अधिक ट्रेन चलाकर 2 हजार फेरे का लक्ष्य लिया है। यह अंतिम तय संख्या नहीं है, इसमें बदलाव हो सकता है। सिंहस्थ को लेकर सेक्शन स्तर पर, स्टेशन पर कई तैयारी जारी है।
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