छत्तीसगढ़ में आरक्षण पर सियासत थमने का नाम नहीं ले रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 9 CM Bhupesh ) ने आरक्षण को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। पत्र में संविधान की नौवीं अनुसूची में आरक्षण के संशोधित प्रावधान को शामिल करने की मांग मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ( CM Bhupesh ) ने की है। लेकिन अभी तक आरक्षण को लेकर अब तक किसी भी तरह का निर्णय नहीं लिया गया है।
CM Bhupesh का आरक्षण को लेकर बयान
राज्यपाल की अध्यक्षता में आज कृषि विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया था। जिसमें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत कृषि मंत्री रविंद्र चौबे भी मौजूद रहे। आरक्षण बिल पर आज राज्यपाल विश्वभिषण ने इसपर किसी भी तरह का वक्तव्य नहीं रखा। लेकिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आरक्षण को लेकर कहा है कि राजभवन में बिल साढ़े 4 महीने से अटका है। हम लगातार प्रयास कर रहे हैं। कल मैंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा उधर से जवाब नही आ रहा है। साथ ही भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा पार्टी आरक्षण के खिलाफ है इसलिए इसे पारित नहीं करने दे रही है।
2 दिसंबर को पारित हुआ था आरक्षण बिल
छत्तीसगढ़ में आरक्षण बिल को लेकर लंबे समय से पेंच फसा हुआ है। बता दें कि, छत्तीसगढ़ विधानसभा में 2 दिसंबर को बिल पारित किया गया था। जिसके बाद बिल को राज्यपाल के हस्ताक्षर के लिए भजा गया। जिस पर पूर्व राज्यपाल अनुसुईया उईके ने तत्काल हस्ताक्षर करने की बात कही थी। लेकिन बाद में राज्यपाल की ओर से एक्सपर्ट्स की राय लेने की बात कही गई। इसके बाद तो राज्यपाल और सरकार के बीच ही कई बार तकरार देखने को मिली।
कांग्रेस ने आरक्षण के बिल पर हस्ताक्षर न होने के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया
कांग्रेस ने आरक्षण के बिल पर हस्ताक्षर न होने के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि राज्यपाल आदिवासियों के दबाव में काम कर रही हैं। बाद में छत्तीसगढ़ में नए राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन की नियुक्ति हुई, लेकिन अभी तक आरक्षण बिल पर हस्ताक्षर नहीं हुए है।अब आरक्षण पर राज्यपाल की चुप्पी के बाद देखना होगा सिसायत किस ओर करवट लेती है।
Written By - prashansa pathya
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