Kuno National Park: कूनो नेशनल पार्क में दो चीतों की मौत के बाद 'प्रोजेक्ट चीता' पर विवाद का साया पड़ गया है। नामीबिया के एक्सपर्ट ने चीता प्रोजेक्ट का एरिया कम होने पर सवाल उठाए हैं। वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट्स का मानना है कि कूनो नेशनल पार्क में 20 चीतों के रखे जाने की क्षमता नहीं है। कूनो नेशनल पार्क के अंदर 100 वर्ग किलोमीटर में तीन चीते होने पर नामीबिया के वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट ने सवाल खड़े किए हैं।
क्या है चीता प्रोजेक्ट ?
कंजर्वेशन साइंस एंड प्रैक्टिस नामक इंटरनेशनल जर्नल में शोध प्रकाशित किया गया है। वर्तमान समय में कूनो नेशनल पार्क (Kuno National Park) के अंदर नामीबिया से लाए गए तीन चीते थे। कूनो नेशनल पार्क में भारत से विलुप्त हो चुकी बिल्ली परिवार की प्रजाति चीता को बसाने की प्रक्रिया चीता प्रोजेक्ट के रूप में चलाई जा रही है।
प्रोजेक्ट चीता पर उठे सवाल
नामीबिया से आठ चीते भारत लाए जाने के बाद दक्षिण अफ्रीका से भी 12 चीतों को बसाया गया। चीतों को बसाने के लिए कूनो नेशनल पार्क का चयन किया गया था। अब दो चीतों की मौत के बाद प्रोजेक्ट चीता विवादों से घिरा नजर आ रहा है। वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के वाई झाला ने बताया कि कूनो नेशनल पार्क के साथ मुकुंदरा में भी चीतों को भेजे जाने की तैयारी थी लेकिन राजनीतिक समस्याओं के चलते चीता प्रोजेक्ट अधर में लटक गया।
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