शहडोल संभाग के उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 10 हाथियों की मौत का मामला अभी शांत नहीं हुआ था कि अब पेंच टाइगर रिजर्व के दक्षिणी वन मंडल अंतर्गत एक बाघ की मौत की खबर से हर कोइ हिल गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह सामने आया है कि बाघ को चोट लग गई थी, जिसकी वजह से वह शिकार नहीं कर पा रहा था। कई दिनों तक बाघ इधर-उधर भटकता रहा। उसकी उम्र भी आठ से नौ वर्ष बताई जा रही है। बाघ ने जंगल में जगह-जगह खाना तलाशा और जो मिला उसे खाया, लेकिन अंतत: जिंदगी की बाजी हार गया। अंदेशा है कि बाघ को चोट लगभग 15 से 20 दिन पहले लगी होगी। सवाल यह है कि वन विभाग लगातार जंगल में पेट्रोलिंग करता है। जगह-जगह सीसीटीवी भी लगे हुए हैं। इसके बावजूद भी विभाग को घायल बाघ की खबर नहीं लगी। जिस जगह बाघ मृत पाया गया वह रिहायशी इलाके के नजदीक है। पास में तालाब है। बताया जाता है कि आसपास के ग्रामीणों ने बाघ के मूवमेंट होने की सूचना भी दी थी, लेकिन विभाग सक्रिय नहीं हुआ। अंतत: मध्यप्रदेश के कुनबे से एक बाघ और कम हो गया।
पेंच टाइगर रिजर्व के दक्षिणी वन मंडल अंतर्गत एक बाघ की मौत की खबर से हर कोइ हिल गया है।