लोकसभा चुनाव का डंका बज चुका है। चुनाव के पहले चरण में अब बस चंद दिनों का समय ही बचा है, इसी को लेकर सियासत में सरगर्मी तेज हो गई है। राजनीतिक दलों के नेताओं के द्वारा चुनाव प्रचार भी तेज हो गया है। इसी बीच आज यानी की शुक्रवार (5 अप्रैल) को कांग्रेस ने अपने चुनाव पत्र की घोषणा कर दी है, जिसके बाद देशभर की राजनीतिक पार्टियों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस के घोषणा पत्र पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि, चुनाव की दृष्टि से कांग्रेस का कर्मकांड, हारी हुई लड़ाई लड़ रही हैं कांग्रेस। कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र को न्याय पत्र का नाम दिया है, लेकिन कांग्रेस अन्याय के पहाड़ पर बैठी हुई है।
कांग्रेस के द्वारा न्याय शब्द उनके मुंह से शोभा नहीं देता
कांग्रेस पूरे देश के किसान, गरीब, मजदूर, युवा सबके साथ अन्याय करते हुए अपना समय गुजारा रही। कांग्रेस के द्वारा न्याय शब्द उनके मुंह से शोभा नहीं देता। कांग्रेस ने महिलाओं के साथ अन्याय किया। मध्यप्रदेश के 29 सीटों में कांग्रेस केवल एक सीट पर महिला उम्मीदवार लड़ा रही है। वहीं इसके उलटा भाजपा ने 6 सीटों पर महिलाओं को उतारा है। कांग्रेस की हिस्सेदारी परिवार से बाहर नहीं आने दे रही।
पार्टी हारी हुई लड़ाई लड़ रही है
कांग्रेस के सभी बड़े नेता और विपक्ष के नेता, इंडिया गठबंधन के सब लोग अपने परिवार से बाहर किसी की हिस्सेदारी बर्दाश्त नहीं करते। उन्होंने गरीब, मजदूर, युवा के साथ कौन कौन से घोटाले नहीं किये ? कांग्रेस ने कभी गरीब, किसान, मजदूर के हक का पैसा कभी उनके खाते में नहीं जाने दिया। खुद कांग्रेस के प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी जी कहते थे कि हम 1 रुपये भेजते हैं, तो 15 पैसे पहुंचता है। चुनाव की दृष्टि से कांग्रेस का घोषणा पत्र, कांग्रेस का कर्मकांड है, पार्टी हारी हुई लड़ाई लड़ रही है। माननीय मोदी जी के नेतृत्व में योजनाओं का पूरा का पैसा हितग्राहियों को पहुंच रहा है। पूरा प्रदेश मोदीमय है। प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के नेतृत्व में देश में एक अलग माहौल।
Comments (0)