ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरुपानंद सरस्वती ( Swami Swaroopanand Saraswati ) इन दिनों छत्तीसगढ़ प्रवास पर हैं। जानकारी के अनुसार, शंकराचार्य (Swami Swaroopanand Saraswati ) राज्य में लगभग17 दिनों तक रहेंगे।
Swami Swaroopanand Saraswati ने छत्तीसगढ़ के लोगों की तरीफ की
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने मीडियाकर्मियों से चर्चा करते हुए कई अहम मुद्दों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ के लोगों की तरीफ करते हुए कहा कि, यहां के लो पुराण प्रेमी, हम उन्हें पुराण सुनाएंगे। यहां दो भागवत होगा। इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि, आज पाटेश्वर धाम जाएंगे और आगे भी आना जाना लगा रहेगा।
आज कल राजनीति जादूगरी हो रही है
शंकराचार्य स्वामी स्वरुपानंद सरस्वती ने मीडियाकर्मियों से बात करते हुए आगे कहा कि, आज कल राजनीति जादूगरी हो रही है। हमारी पद्धति पारदर्शिता वाली है, जिसका मन वाणी और कर्म एक जैसा हो, महात्मा होता है। व्यवहार से असलियत सामने आ जाती है। उन्होंने कहा कि, संत और असंत एक समान दिखते है, लेकिन उसकी वाणी से समझ में आ जाता है वो क्या है?
हमारी हिंदू राष्ट्र की कोई मांग नहीं है
शंकराचार्य स्वामी स्वरुपानंद सरस्वती ने आगे कहा कि, हमारी हिंदू राष्ट्र की कोई मांग नहीं है, क्योंकि कोई प्रारूप सामने नहीं है, हमे हिंदू राष्ट्र नहीं रामराज्य चाहिए। ये बांट कर राज करने की रणनीति है। हिंदू बहुमत में है तो रामनवमी और हनुमान जंयती पर एडवाइजरी क्यों?
धर्म की शिक्षा दी जानी चाहिए
जब उन से सवाल किया गया कि, हिंदू खतरे में तो उन्होंने इसका जवाब देते हुए कहा कि, हिंदू खतरे में तब होगा, जब वो धर्म का पालन नहीं करेगा। इसके लिए राजनीतिक पार्टियां जिम्मेदार है। धर्म की शिक्षा नहीं दी जा रही है। शिक्षानीति में बदलाव की जरूरत है। धर्म की शिक्षा दी जानी चाहिए। जब मुस्लिम मदरसों में धर्म की शिक्षा ले सकते है, ईसाई अपने मिशनरी में पढ़ सकते हैं तो हिंदू क्यों अपने धर्म की शिक्षा नहीं ले सकते?
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