Kamal Nath - मध्य प्रदेश में इस साल के अंत में विधानसभा के चुनाव होना है। ऐसे में बीजेपी-कांग्रेस अपनी- अपनी तैयारियों में लगी हुए हैं। दोनों ही दलों के प्रमुख कमलनाथ और शिवराज सिंह राज्य के सभी जिलों का लगातार दौरा कर रहे हैं। वहीं हर दिन सीएम शिवराज और कमलनाथ ( Kamal Nath ) के बीच लगातार एक दूसरे के ऊपर शब्दों के तीखे वाण चला रहे हैं।
सीएम शिवराज सिंह और Kamal Nath के बीच ट्वीटर वार जारी है
जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आता जा रहा है, बैसे-बैसे ही सीएम शिवराज सिंह और पीसीसी चीफ कमलनाथ के बीच ट्वीटर वार जारी है। इसी क्रम में कमलनाथ ने ट्वीट कर राज्य के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की आउट सोर्सिंग पर सवाल उठाए है। वहीं पीसीसी चीफ ने कहा कि, शिवराज सरकार ने कर्मचारी विरोध की सारी हदें पार कर दी हैं।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी प्रशासनिक व्यवस्था की सबसे पहली सीढ़ी हैं
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने आगे कहा कि, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी प्रशासनिक व्यवस्था की सबसे पहली सीढ़ी हैं। योग्य नौजवानों को भी सम्मानजनक वेतन पर काम करने का मौका मिलता है। जिन्हें उच्च शिक्षा प्राप्त करने का सौभाग्य प्राप्त नहीं हो पाता। चतुर्थ श्रेणी के सारे काम आउटसोर्स कर दिए जाएंगे। नियमित रोजगार का बड़ा क्षेत्र हमेशा के लिए खत्म कर दिया जाएगा।
शिवराज जी आपको मनमानी करने का कोई अधिकार नहीं है
पीसीसी चीफ ने कहा कि, आउटसोर्सिंग में भाजपा अपने कार्यकर्ताओं को भर सकती है। योग्य नौजवानों के साथ बेईमानी कर सकती है। शिवराज जी आपको मनमानी करने का कोई अधिकार नहीं है।
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