मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने आज निर्वाचन सदन भोपाल में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के साथ बैठक की। साथ ही प्रदेश में विधानसभा निर्वाचन 2023 के संबंध में लागू हुई आदर्श आचार संहिता के बारे में विस्तृत जानकारी दी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने बताया कि, मतदाता पर्ची का वितरण नाम निर्देशन की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर के बाद और 13 नवंबर के पहले पूरी कर ली जाएगी। प्रदेश में कुल मतदान केंद्रों की संख्या 64 हजार 523 है।
उम्मीदवारों को क्रिमिनल रिकार्ड्स की भी देनी होगी जानकारी
वहीं निर्वाचन में प्रत्येक उम्मीदवार द्वारा अधिकतम 4 फॉर्म भरे जा सकेंगे। उम्मीदवार द्वारा नामांकन भरते समय फीस 10 हजार रुपये निर्धारित है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थी के लिए फीस 5 हजार रुपये होगी। उम्मीदवार द्वारा शपथ पत्र दिया जाएगा। हर अभ्यर्थी द्वारा नाम निर्देशन के साथ निर्धारित प्रपत्र में शपथ पत्र भरकर उपलब्ध कराना होगा। अभ्यर्थी द्वारा पेश शपथ पत्र मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की वेबसाइट पर 24 घंटे के अंदर प्रदर्शित की जाएगी। उम्मीदवार को आपराधिक प्रकरणों की जानकारी देनी होगी। जिससे मतदाताओं के पास ऐसे उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि के बारे में जानने के लिए पर्याप्त समय हो।जिलों में शिकायत सेल क्रियाशील
इसके साथ ही राजनीतिक दलों को समाचार पत्र एवं टीवी चैनल में आपराधिक प्रकरण वाले उम्मीदवार के चयन का आधार बताते हुए 3 अलग-अलग डेटों पर उद्घोषणा प्रकाशित करानी होगी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी राजन ने जानकारी देते हुए बताया कि, प्रत्याशी के चयन के 48 घंटे के भीतर समाचार पत्र, सोशल मीडिया प्लेटफार्म एवं पार्टी की वेबसाइट में फार्म सी-7 में प्रकाशित करना होगा। राजन ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता प्रभावशील हो गई है। अभ्यर्थियों, राजनीतिक दलों एवं राज्य और केन्द्र सरकार पर आदर्श आचार संहिता के प्रावधान आयोग के निर्देशों के अनुरूप लागू है। जिलों में कंट्रोल रूम एवं शिकायत सेल क्रियाशील हो गए है।100 मिनट में होगी कार्रवाई
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने बताया कि, रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। नागरिकों की निर्वाचन संबंधी शिकायतों के लिए एप उपलब्ध है। जिसके माध्यम से नागरिक लाइव फोटो, वीडियो एवं ऑडियो शिकायत के रूप में उपलब्ध कराते है तो 100 मिनट में कार्रवाई की जाएगी।Read More: कर्मचारियों-अधिकारियों के अवकाश पर लगा प्रतिबंध, बिना कारण छुट्टी लेने पर होगी कार्यवाही
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