CG NEWS : रायपुर। राजिम माघी पुन्नी मेला के नाम मे संसोधन विधेयक को लेकर पूर्व मंत्री उमेश पटेल ने कहा कि, छत्तीसगढ़ में पूर्वजों से, हमारे दादा-दादियों से हम सुनते आ रहे है कि राजिम के मेले को पुन्नी माघी मेला के नाम से जाना जाता था। पता नहीं बीजेपी को हमेशा से छत्तीसगढ़ की संस्कृति से क्यों परहेज है? उमेश पटेल ने कहा कि, छत्तीसगढ़ के बोरे बासी से इन्हें परेशानी है, गेड़ी से परेशानी है, छत्तीसगढ़ के नाम से परेशानी है। हमें उसके व्यापकता पर कोई इशू नहीं है। वह जितना बढ़ाना चाहे, जितना बड़ा करना चाहे कर सकते हैं। लेकिन छत्तीसगढ़ में जिस नाम से जाना जाता है उन्हें ना बदले हम चाहते थे। लेकिन भाजपा को छत्तीसगढ़ की संस्कृति से परेशानी है। विधायक पटेल ने आगे कहा कि, जब भूपेश बघेल की सरकार थी तो छत्तीसगढ़ संस्कृति को आगे बढ़ने का काम किया गया। छत्तीसगढ़ की भाषा को आगे बढ़ाने काम किया। खेलकूद को आगे बढ़ाने काम किया। आज भाजपा ने मेले का नाम बदल दिया, जनता इन्हें देख रही है और सबक सिखाएगी।
MP/CG
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