देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव करवाने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट या आदर्श चुनाव आचार संहिता बनाई है। वहीं मध्य प्रदेश में इसी साल होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान होते ही आदर्श चुनाव आचार संहिता लग गई हैं। वहीं मध्य प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लगते ही प्रशासन सख्त मोड में हैं। पेड न्यूज पर खास नजर रखी जाएगी।
30 लोगों की टीम 24 घंटे निगरानी करेगी
इस काम के लिए 30 लोगों की टीम 24 घंटे निगरानी करेगी। मीडिया मॉनिटरिंग एवं सर्टिफिकेशन सेल की हुई शुरुआत। SDM प्रकाश सिंह चौहान एवं यूपी जिला निर्वाचन अधिकारी रवि शंकर राय ने मेक मीडिया मॉनिटरिंग सेल कमेटी का किया निरीक्षण। अधिकारी का कहना, आदर्श आचरण संहिता एवं एमसीएमसी टीम रखेगी निगरानी। प्रिंट इलेक्ट्रॉनिक एवं सोशल मीडिया की की जाएगी मॉनिटरिंग। सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार का वायलेंस नहीं किया जाएगा स्वीकार। इलेक्ट्रॉनिक, सोशल मीडिया पर पेड न्यूज या फेक न्यूज पर आचारण संहिता उल्लंघन पर की जाएगी कार्रवाई।क्या होती है आचार संहिता
यहां बताते चले कि देश में किसी भी चुनाव को निष्पक्ष और स्वतंत्र ढंग से सम्पन्न करने के लिए चुनाव आयोग ने कुछ नियम-शर्तें तय की हैं। इन्हीं नियमों को आचार संहिता कहते है। आदर्श आचार संहिता कानून के द्वारा लाया गया प्रावधान नहीं है। यह सभी राजनीतिक दलों की सर्वसहमति से लागू व्यवस्था है, जिसका सभी को पालन करना होता है। आदर्श आचार संहिता की शुरुआत सबसे पहले साल 1960 में केरल विधानसभा चुनाव में हुई थी, जिसमें इसके तहत बताया गया कि उम्मीदवार क्या कर सकता है और क्या नहीं।Read More: मध्य प्रदेश में सिर्फ एक परिवार के लिए चुनाव आयोग ने बनाया पोलिंग बूथ, जानें क्या है वजह
इसके बाद वर्ष 1962 में हुए लोकसभा चुनाव में पहली बार चुनाव आयोग ने इस संहिता के बारे में सभी राजनीतिक पार्टियों को अवगत कराया गया। 1967 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों में चुनाव आयोग ने सभी सरकारों से इसे लागू करने को कहा और यह सिलसिला आज भी जारी है। समय-समय पर चुनाव आयोग इसके दिशा-निर्देशों में बदलाव करता रहता है। चुनाव की तारीखें के एलान के साथ ही आचार संहिता लागू हो जाती है, जो चुनाव परिणाम घोषित होने तक लागू रहती है। चुनाव में हिस्सा लेने वाले राजनैतिक दल,उम्मीदवार, सरकार और प्रशासन समेत चुनाव से जुड़े सभी लोगों पर इन नियमों का पालन करने की जिम्मेदारी होती है।Read More: राजधानी में आबकारी विभाग की कार्रवाई, दुकान संचालक पर लगाया 25000 रुपए का जुर्माना
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