मध्य प्रदेश की बहुचर्चित डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे का इस्तीफा मंजूर नहीं करने का मामला अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। इस मामले में आज गुरुवार (12 अक्टूबर) को जबलपुर हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। इस मामले में हाईकोर्ट ने सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव को भी तलब किया है। सीनियर एडवोकेट और राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा ने कहा है कि, यदि जरूरत पड़ी तो निशा बांगरे को न्याय दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट भी जाएंगे।
न्यायपालिका पर पूरा भरोसा: Nisha Bangre
डिप्टी कलेक्टर पद से इस्तीफा देने के बावजूद शासन द्वारा इस्तीफा मंजूर नहीं किए जाने को लेकर निशा बांगरे ने एमपी हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। निशा ने याचिका में कहा है कि, नियमानुसार एक महीने में इस्तीफा मंजूर कर लिया जाना चाहिए। इस याचिका पर आज गुरुवार को हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। निशा बांगरे ने भोपाल में मीडिया से कहा कि, हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।आमला से शुरु हुई थी पदयात्रा
दरअसल, छतरपुर के लवकुश नगर की डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे ने बैतूल जिले के आमला से पदयात्रा शुरु की थी। सोमवार को 9 अक्टूबर को उनकी न्याय यात्रा भोपाल पहुंच गई थी। आमला के बस स्टैंड से अनंत चतुर्दशी पर भगवान गणेश और माता दुर्गा के दर्शन कर पदयात्रा शुरू की गई थी। निशा बांगरे अपने हाथ में भारत का संविधान और भागवत गीता लेकर न्याय यात्रा कर रही थीं। आमला से शुरु हुई यह यात्रा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह ग्राम जैत होते हुए 335 किलोमीटर की दूरी तय कर भोपाल पहुंची।पुलिस से हुई थी नोकझोंक
इसके बाद भोपाल में बोर्ड ऑफिस चौराहा पर ही पुलिस ने निशा बांगरे को रोक दिया था। निशा बांगरे आगे बढ़ने की जिद करने लगीं। इस दौरान उनकी पुलिस से नोकझोंक हुई। इस नोकझोंक में डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे के कपड़े फट गए। साथ ही उनके हाथों में मौजूद संविधान का फोटो भी फट गया। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था और मंगलवार की रात जमानत मिलने के बाद उनकी रिहाई हुई।Read More: यातायात पुलिस का अनूठा अभियान, अब वाहनों पर पदनाम लिखने वाले लोगों पर होगी कड़ी कार्रवाई
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