बिलासपुर: बिलासपुर से इंदौर के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने बिलासपुर-इंदौर के बीच सीधी वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा है। इसके तहत बिलासपुर-नागपुर और इंदौर-नागपुर के बीच चल रही दो मौजूदा वंदे भारत ट्रेनों को मिलाकर बिलासपुर-इंदौर-बिलासपुर सेवा शुरू करने की योजना है।
अगर रेलवे बोर्ड से प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है, तो बिलासपुर से इंदौर जाने वाले यात्रियों को नागपुर स्टेशन पर ट्रेन बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। दोनों शहरों के बीच सीधे वंदे भारत कनेक्शन की लंबे समय से मांग की जा रही थी।
दो वंदे भारत ट्रेनों को मिलाने का प्रस्ताव
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने ट्रेन संख्या 20825/20826 बिलासपुर-नागपुर-बिलासपुर और 20911/20912 इंदौर-नागपुर-इंदौर वंदे भारत को मिलाकर नई बिलासपुर-इंदौर-बिलासपुर सेवा चलाने का प्रस्ताव दिया है।प्रस्ताव का उद्देश्य दोनों शहरों के बीच सीधी कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है। इससे यात्रियों का नागपुर में ट्रेन बदलने का समय बचेगा और यात्रा पहले के मुकाबले ज्यादा सुविधाजनक हो सकेगी।
सप्ताह में 6 दिन चलेगी सीधी वंदे भारत
प्रस्ताव के मुताबिक बिलासपुर और इंदौर के बीच सीधी वंदे भारत सेवा सप्ताह में छह दिन चलाने की योजना है। शनिवार को सेवा नहीं होगी।ट्रेनों के मौजूदा संचालन कार्यक्रम को मिलाकर यह व्यवस्था तैयार की गई है, जिससे बिना अतिरिक्त रैक के दोनों शहरों के बीच सीधी ट्रेन चलाना संभव होगा।
ऐसे होगा दोनों ट्रेनों का संचालन
प्रस्तावित व्यवस्था में मौजूदा ट्रेनों के दिनों को इस तरह समायोजित किया गया है:
ट्रेन 20825/20826: बिलासपुर से रविवार, मंगलवार और गुरुवार; इंदौर से सोमवार, बुधवार और शुक्रवार।
ट्रेन 20911/20912: इंदौर से मंगलवार, गुरुवार और रविवार; बिलासपुर से सोमवार, बुधवार और शुक्रवार।
इस तरह दोनों ट्रेनों को मिलाकर बिलासपुर-इंदौर के बीच सप्ताह में छह दिन सीधी वंदे भारत सेवा उपलब्ध कराने की योजना है।
नागपुर में ट्रेन बदलने की झंझट खत्म होगी
वर्तमान व्यवस्था में बिलासपुर से इंदौर जाने वाले यात्रियों को नागपुर तक चलने वाली वंदे भारत और इंदौर-नागपुर वंदे भारत के बीच कनेक्टिविटी पर निर्भर रहना पड़ता है।
प्रस्ताव लागू होने के बाद यात्री बिलासपुर से सीधे इंदौर तक वंदे भारत से सफर कर सकेंगे। इससे नागपुर स्टेशन पर ट्रेन बदलने, प्लेटफॉर्म पर इंतजार करने और कनेक्टिंग ट्रेन छूटने जैसी परेशानियों से राहत मिलेगी।
मौजूदा ठहराव रहेंगे यथावत
रेलवे के प्रस्ताव में यह भी स्पष्ट किया गया है कि दोनों ट्रेनों के विलय के बाद उनके मौजूदा ठहराव में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।यानी प्रस्तावित सीधी सेवा में मौजूदा स्टॉपेज बरकरार रखने की योजना है। साथ ही, इस व्यवस्था के लिए अतिरिक्त रैक की जरूरत नहीं होगी।हालांकि, अभी यह अंतिम फैसला नहीं है। प्रस्ताव पर रेलवे बोर्ड की मंजूरी के बाद ही सेवा की अंतिम समय-सारणी और शुरुआत की तारीख तय की जाएगी।
नागपुर स्टेशन पर प्लेटफॉर्म होल्डिंग भी घटेगी
इस प्रस्ताव से यात्रियों के साथ रेलवे संचालन को भी फायदा होने की उम्मीद है। रेलवे के अनुसार दोनों ट्रेनों के संचालन को एकीकृत करने से नागपुर स्टेशन पर प्लेटफॉर्म होल्डिंग की अवधि कम हो सकती है।यानी ट्रेनों को नागपुर स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर खड़ा रखने की जरूरत कम होगी, जिससे स्टेशन पर परिचालन व्यवस्था को बेहतर तरीके से मैनेज किया जा सकेगा।
कुछ ट्रेनों के संचालन में होगा मामूली बदलाव
नई वंदे भारत सेवा के संचालन के लिए रेलवे को कुछ अन्य ट्रेनों के समय में मामूली समायोजन करना पड़ेगा। प्रस्ताव में कुछ ट्रेनों को रास्ते में करीब 10 मिनट तक डिटेन करने का उल्लेख किया गया है।इसके तहत ट्रेन संख्या 22816 एर्नाकुलम-बिलासपुर एक्सप्रेस और 22620 तिरुनेलवेली-बिलासपुर एक्सप्रेस को भंडारारोड स्टेशन पर करीब 10 मिनट रोका जाएगा।
इसी तरह 18029 LTT-शालीमार एक्सप्रेस को गंगाझरी रेलवे स्टेशन पर करीब 10 मिनट डिटेन करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा कुछ अन्य ट्रेनों के परिचालन में भी मामूली बदलाव किए जाने की संभावना है।
रेलवे बोर्ड की मंजूरी के बाद तय होगी शुरुआत
बिलासपुर-इंदौर सीधी वंदे भारत सेवा का प्रस्ताव फिलहाल रेलवे बोर्ड के पास मंजूरी के लिए भेजा गया है। इसलिए अभी ट्रेन शुरू होने की तारीख या अंतिम टाइम टेबल तय नहीं हुआ है।बोर्ड की मंजूरी मिलने के बाद रेलवे की ओर से आधिकारिक समय-सारणी और संचालन की तारीख जारी की जाएगी। मंजूरी मिलने पर बिलासपुर और इंदौर के बीच सीधी वंदे भारत सेवा यात्रियों के लिए एक बड़ा कनेक्टिविटी विकल्प बन सकती है।