उत्तरी अमेरिका की झीलों में पाई जाने वाली एक विशेष प्रजाति की (BPL NEWS)मछली राजधानी भोपाल के बड़े तालाब में मिली है। यह तब मिली जब एक युवक तालाब में मछली पकड़ रहा था। विशेषज्ञों के मुताबिक इस मछली का नाम एलिगेटर गार है। इसके मुंह के आकार की वजह से इसे क्रोकोडाइल फिश के नाम से भी जाना जाता है।इस मछली को अनस नाम के एक युवक ने पकड़ा। वो मंगलवार को(BPL NEWS) बड़े तालाब में मछली पकड़ रहा था।तभी यह मछली उनके हाथ लगी।जब उसने मछली को बाहर निकाला तो पहली नजर में वह मगरमच्छ का बच्चा लग रही थी। लेकिन ध्यान से देखने पर वह मछली लगी।अनस ने जब मछली को बाहर निकाला तो उसे देखने के लिए लोग जमा हो गए।
विशेषज्ञों का क्या कहना है?
भोपाल के बड़े तालाब में मिली मछली उत्तरी अमेरिका में पाई जाती है।इसे ऐलिगेटर गार के नाम से जाना जाता है। इसके आने के पीछे यह कारण हो सकता है कि हावड़ा और कोलकाता से मछली के सीड लाए जाते हैं। इनके माध्यम से भी यह वर्षा में नदियों के जरिए यहां तक पहुंची होगी। वहीं कुछ लोग इसके बारे जाने बिना ही एक्वेरियम में पाल लेते हैं।जब यह बड़ी होने लगती है तो इसे जलाशय में छोड़ देते हैं।बड़े तालाब में मिली मछली की लंबाई डेढ़ फीट थी। उसका वजन करीब ढाई किलो था। इस मछली का मुहं मगरमच्छ के जबड़े जैसा था। इसलिए इसे क्रोकोडाइल फिश भी कहा जाता है।
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