नवंबर में होने वाले एमपी विधानसभा चुनाव के लिए(HELP TRIBALS) कांग्रेस ने क्षेत्रवार कार्ययोजना तैयार की है। इसमें आदिवासी मतदाताओं को साधने के लिए अलग से अंचलवार (HELP TRIBALS)कार्ययोजना बनाई गई है। इसके अंतर्गत प्रदेश को तीन हिस्से महाकौशल, विंध्य और मालवा-निमाड़ क्षेत्र में बांटा गया है। इनमें महासम्मेलन आयोजित किए जांएगे। पहला महासम्मेलन मंडला के रामनगर, दूसरा विंध्य और तीसरा बड़वानी में प्रस्तावित है। इसकी तैयारियों से लेकर मंच संचालन तक की जिम्मेदारी स्थानीय आदिवासी नेताओं के पास रहेगी।
1 करोड़ 40 लाख आदिवासी मतदाता
प्रदेश में 1 करोड़ 40 लाख आदिवासी मतदाता हैं और 47 विधानसभा क्षेत्र अनसूचित जनजाति वर्ग के लिए सुरक्षित हैं। इसे देखते हुए एमपी को तीन हिस्से में बांटकर कार्ययोजना बनाई है।महाकौशल, विंध्य और मालवा-निमाड़ में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें स्थानीय नेताओं को आगे किया जाएगा। वे ही कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करेंगे। इसमें अलग-अलग समाजों के बीच काम करने वाले गैर सरकारी संगठनों को भी जोड़ा जाएगा ताकि वे पार्टी की बात प्रभावी तरीके से आमजन तक पहुंचा सकें।कार्ययोजना को अंतिम रूप देने के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के साथ संगठन पदाधिकारियों की बैठक जल्द होगी।
कांग्रेस ने 12 और भाजपा ने 6 जिलों की सभी अजजा सीटें जीती थीं
वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, बैतूल, झाबुआ, आलीराजपुर, खरगोन, धार, बुरहानपुर, रतलाम, कटनी और अनूपपुर जिले में अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए सुरक्षित सभी सीटों पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी। इसी तरह भाजपा ने शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, जबलपुर और हरदा जिले में अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सभी विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज की थी।
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