कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी समेत कई नेता मोदी सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए लगातार ऐसे बयान दे रहे हैं कि यह लोकतंत्र और संविधान को बचाने का चुनाव है। शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री व विदिशा सीट से भाजपा प्रत्याशी शिवराज सिंह चौहान ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेताओं को जमकर घेरा। भोपाल स्थित अपने आवास पर मीडियाकर्मियों से चर्चा करते हुए शिवराज ने कहा कि कांग्रेस और उसके नेता बार-बार यह रट लगा रहे हैं कि लोकतंत्र खतरे में है, संविधान खतरे में है। लेकिन हकीकत यह है कि लोकतंत्र खतरे में नहीं है, संविधान भी सुरक्षित हाथों में है। वास्तव में खतरे में अगर कोई है तो वह कांग्रेस है।
शिवराज ने विपक्षी नेताओं को जेल भेजने के आरोप पर कांग्रेस को आपातकाल की याद दिलाई और कहा कि ये बार-बार बात कहते हैं कि जेल भेज रहे हैं। लेकिन कांग्रेस को जवाब देना पड़ेगा। उस वक्त मेरी उम्र थी 17 साल। मैं 11वीं में पढ़ता था, मुझे जेल भेजा गया था इमरजेंसी के समय। स्वर्गीय इंदिरा जी तब प्रधानमंत्री थीं। केवल नेताओं को नहीं, मासूम बच्चों तक को जेल में भेजा था। शिवराज ने आगे कहा कि आज एक बात साफ है। पहले यह धारणा रही होगी कि कोई भी अपराध या भ्रष्टाचार कर ले उसके विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं होगी। यह धारणा जनता की बन गई थी लेकिन यह भारतीय जनता पार्टी का शासन है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। अगर कोई गलत काम करेगा तो जेल जाएगा।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी समेत कई नेता मोदी सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए लगातार ऐसे बयान दे रहे हैं कि यह लोकतंत्र और संविधान को बचाने का चुनाव है। शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री व विदिशा सीट से भाजपा प्रत्याशी शिवराज सिंह चौहान ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेताओं को जमकर घेरा। भोपाल स्थित अपने आवास पर मीडियाकर्मियों से चर्चा करते हुए शिवराज ने कहा कि कांग्रेस और उसके नेता बार-बार यह रट लगा रहे हैं कि लोकतंत्र खतरे में है, संविधान खतरे में है। लेकिन हकीकत यह है कि लोकतंत्र खतरे में नहीं है, संविधान भी सुरक्षित हाथों में है। वास्तव में खतरे में अगर कोई है तो वह कांग्रेस है।
Comments (0)