प्रोजेक्ट चीता के तहत कूनो नेशनल पार्क में दक्षिण अफ्रीका के नाबीबिया से आए चीतों की लगातार संक्रमण से हो रहीं मौतों पर केंद्रीय वन और पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव का बड़ा बयान आया है। उन्होंने कहा कि कि कूनों में हम बहुत मेहनत से प्रोजेक्ट चीता को बचाने के प्रयासों में लगे हुए है।
मॉनसून के कारण चीतों में संक्रमण
केंद्रीय वन और पर्यावरण मंत्री ने कहा कि चीतों को यहां के वेदर और वातावरण में थोड़ी सी परेशानी हो रही है। लेकिन हमारा प्रयास है कि हर एक चीते की सेवा की जाए। मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा "हम कूनो के आसपास के लोगों से यह कहना चाहते हैं कि हम इस पूरे प्रोजेक्ट को गंभीरता से ले रहे हैं। चूंकि यह काफी लंबा प्रोजेक्ट है और मॉनसून के कारण भी संक्रमण देखने को मिल रहा है।"कूनो से चीतों को शिफ्ट नहीं किया जाएगा: भूपेंद्र यादव
केंद्रीय वन और पर्यावरण मंत्री ने कहा कि इससे कुछ चीतों को नुकसान भी हुआ है। लेकिन हम सभी चीतों को सुरक्षित करने के लिए दक्षिण अफ्रीका और भारत के एक्सपर्ट्स से लगातार संपर्क में हैं। कूनो नेशनल पार्क से चीतों को शिफ्ट करने को लेकर भूपेंद्र यादव ने कहा कि ने कहा कि अभी ऐसी कोई कार्य योजना नहीं है। केंद्रीय वन और पर्यावरण मंत्री ने कहा कि कूनो से चीतों को शिफ्ट नहीं किया जाएगा।कूनो नेशनल पार्क में नामीबिया से लाये गए थे 20 चीतें
बता दें कि, शनिवार को ग्वालियर में भूपेंद्र यादव ने ये बाते कही। वो प्रदेश बीजेपी की कार्यसमिति की प्रस्तावित बैठक की तैयारी जांचने के मकसद से ग्वालियर आए थे। वहीं गौरतलब है कि बीते साल नवम्बर में एमपी के श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क में नामीबिया से 20 चीते लाए गए थे। जिन्हें छोड़ने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं यहां आए थे। लेकिन अब तक इनमें से आठ चीतों और एक शावक की मौत हो चुकी है।Read More: PCC चीफ कमलनाथ ने बोला शिवराज सरकार पर हमला, कहा- बिजली के बढ़े बिल भाजपा की बत्ती गुल कर देंगे.
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