मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) द्वारा बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा पर व्यापम मामले आरोप लगाने के बाद सिंह पर मानहानि का मामला दर्ज कराया गया था। वहीं अब इस मामले में दिग्विजय सिंह पर आरोप तय हो गए हैं। वहीं इसको लेकर प्रदेश की सियासत भी गर्माने लगी है।
1 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
पूर्व सीएम (Digvijaya Singh) आईपीसी की धारा 500 के तहत घिर गए हैं। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने कोर्ट में दिग्विजय सिंह के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज कराया था। वहीं अब इस मामले को लेकर अगली सुनवाई 1 जुलाई को होगी। जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री की मुश्किलें बढ़ती हुई दिख रही हैं।
इन नेताओं की भी बढ़ सकती हैं मुश्किलें
इससे पहले मानहानि से जुड़े मामले में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, मंत्री भूपेन्द्र सिंह और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वी डी शर्मा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। राज्यसभा सदस्य और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तंखा द्वारा दायर 10 करोड़ की मानहानि के मुकदमे पर 29 अप्रैल को न्यायालीन कार्यवाही शुरू हो रही है।
कपिल सिब्बल कोर्ट में रहेंगे हाजिर
मानहानि के इस मामले में तंखा के पक्ष में पैरवी करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल कोर्ट में हाजिर रहेंगे। पंचायत चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को 27 प्रतिशत आरक्षण सुप्रीम कोर्ट द्वारा रद्द करने का आदेश आने के बाद बीजेपी नेताओं ने तंखा को ओबीसी विरोधी नेता बताया था। बता दें साल 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने पंचायत चुनाव में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण पर रोक लगा दी थी। इस दौरान विवेक तंखा ने याचिकाकर्ताओं की ओर से पंचायत और निकाय चुनाव में रोटेशन और परिसीमन को लेकर पैरवी की थी।
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