मप्र में पांचवी बार सत्ता में वापसी के लिए और विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के लिए भाजपा ने 3-एस का फॉर्मूला तैयार किया है (BJP MP)। यानी इस बार सरकार, संगठन और संघ तीनों मिलकर मिशन 200 को पूरा करेंगे। इसके लिए तीनों संयुक्त रूप से रणनीति बना कर काम करेंगे। इससे पार्टी को उम्मीद है कि इस बार एमपी में भी भाजपा गुजरात की तर्ज पर रिकार्ड जीत हासिल करेगी।
संघ की चुनावी मैदान में एंट्री (BJP MP)
सरकार, संगठन के साथ अब संघ भी पूरी तरह से चुनावी मैदान आ गया है। और लगातार बैठकें कर रहा है। वहीं संघ प्रमुख मोहन भागवत का एमपी दौरा भी चुनाव के लिहाज से काफी अहम् है। दूसरी ओर चुनाव से पहले भाजपा के अंसतुष्ट नेताओं को साधने के लिए सरकार की ओर से इन दिनों निगम मंडलों से लेकर बोर्ड में अध्यक्षों और उपाध्यक्षों की नियुक्ति की जा रही है। इसके साथ ही जिलों में प्राधिकरणों में भी भाजपा नेताओं को एडजस्ट किया जा रहा है, जिसमें चुनाव में नेताओं की दावेदारी को कम किया जा सके। चुनाव में भितरघात और कार्यकर्ताओं के नाराजगी से होने वाले डैमेज कंट्रोल को रोकने के लिए उन्हें पदों पर नवाजा जा रहा है। वही संगठन का पूरा फोक्स बूथ जीतने पर है।
कांग्रेस का तंज
कांग्रेस इस पर तंज कस रही है। कांग्रेस प्रवक्ता स्वदेश शर्मा ने कहा कि, इंटेलिजेंस की रिपोर्ट में भारतीय जनता पार्टी की सरकार को जाता हुआ बताया है। आरएसएस की रिपोर्ट का सर्वे भी यही बता रहा है। जब प्रदेश में विकास यात्रा निकाली गई थी तब करीब 160 जगहों पर इसका विरोध हुआ था। उन्होंने आगे कहा कि, 2023 में सत्ता वापस कांग्रेस के हाथों में आने वाली है।
Written By: Pradeep Talreja
MP के गृहमंत्री ने कहा – कमलनाथ बताएं कि, वो कांग्रेस के इस घोषणा पत्र के पक्ष में है या विपक्ष में
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